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पालघर लिंचिंग: सच आया सामने, 101 आरोपी गिरफ्तार, 1 भी नहीं मुस्लिम, महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने सूची की वाट्सऐप

जनमंथन, पालघर। पालघर मॉब लिंचिंग (palghar lynching) मामले में भाजपा का वार इस बार उलटा पड़ता नजर आ रहा है। महाराष्ट्र भाजपा ने पालघर मॉब लिंचिंग मामले में सीआईडी जांच की मांग की है तो दूसरी ओर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख (anil deshmukh) ने भाजपा पर पालघर हिंसा को धार्मिक रंग देने के आरोप लगाया है। अनिल देशमुख का दावा है कि इस प्रकरण में कुल 101 लोगों को महाराष्ट्र पुलिस ने अरेस्ट किया है जिनमें से एक भी मुसलमान नहीं है। देशमुख ने आरोपियों के नाम की वॉट्सएप लिस्ट भी जारी की है। 

महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने पालघर हिंसा को लेकर फेसबुक लाइव कर एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि पालघर हिंसा को सभी लोग बिल्कुल गलत मानते है। अनिल देशमुख ने कहा कि पालघर की इस घटना को लेकर अफवाह फैलाई गई थी कि कुछ लोग पालघर इलाके में बच्चा चोरी करने आते हैं। उन्होंने बताया कि अब जांच सीआईडी को दी गई है। देशमुख ने कहा कि इस मामले में 101 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने फेसबुक लाइव में कहा कि हम आज आरोपियों के नामों की लिस्ट भी वॉट्सएप के जरिए जारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन 101 आरोपियों में एक भी मुस्लिम नहीं है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने कहा कि इस मामले को धार्मिक रंग देने का प्रयास किया गया है। 

यही नहीं अनिल देशमुख ने यहां तक बताया कि लिंचिंग के वायरल वीडियो में आवाज आ रही है ‘ओए बस’, लेकिन लोगों ने ऑनलाइन मेसेज भेजकर कहा कि ‘शोएब बस’।’ उन्होंने कहा कि आज पूरा महाराष्ट्र कोरोना से लड़ रहा है ऐसे में इस घटना को धार्मिक रंग देना गलत है। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर तंज भी कसा कि ऐसे समय में भी कुछ लोग मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान लोगों से सरकार की सहायता की अपील भी की। 

बता दें कि भाजपा पालघर प्रकरण में एनसीपी नेता और गृहमंत्री अनिल देशमुख को घेरने का प्रयास कर रही थी जो शरद पवार के काफी करीबी माने जाते हैं। हाथ से महाराष्ट्र की सत्ता निकल जाने के लिए बीजेपी महाराष्ट्र गठबंधन को जिम्मेदार मानती है, ऐसे में वह इस गठबंधन सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है।  पालघर में साधुओं के साथ हुई इस लिंचिंग के बाद बीजेपी को एनसीपी के साथ ही कभी कट्टर हिंदुत्व वाली छवि रखने वाली शिवसेना पर भी हमला करने का मौका मिल गया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि शिवसेना के शासन में साधु भी सुरक्षित नहीं है।

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