बजट 2020 : लिक्विडिटी के लिए मांग और रोजगार में तालमेल सरकार के लिए चुनौती - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
February 24, 2020
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बजट 2020 : लिक्विडिटी के लिए मांग और रोजगार में तालमेल सरकार के लिए चुनौती

जनमंथन, जयपुर। मोदी सरकार के दूसरे बजट में इस बार उद्योग और निवेश को बढावा देने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं। कॉर्पोरेट टैक्स (corporate tax) में छूट दर 22 फीसदी से 15 फीसदी कर दी गई है वहीं एमएसएमई सेक्टर (MSME sector) को उबारने के लिए भी कई घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इंडस्ट्री, कॉमर्स के एस्टेन्शन के लिए 27300 करोड़ रुपये की घोषणा की है। निश्चित तौर पर इससे एमएमएमई सेक्टर से जुड़े उद्योगों को मजबूती मिलेगी। बजट में एमएसएमई को देरी से होने वाले भुगतान रोकने के लिए ऐप बेस्ड इनवॉयस की घोषणा की गई है।

हांलाकि व्यापार और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में असीमित आंकाक्षाओं और असीमित संसाधनों की बात कही गई है लेकिन इन दोनों के बीच तालमेल बैठा पाना सरकार के लिए मुश्किल होगा। सीआईआई के पूर्व चेयरमैन आरके पोद्दार के मुताबिक देश में महज 2.5 फीसदी लोग हैं जो कर दाता हैं जबकि 97.5 फीसदी लोग कर दाता नहीं है। उन्होने कहा कि जो टैक्स पेयर नहीं है उसी वर्ग की आपूर्ति पर सरकार को सबसे ज्यादा ध्यान देना होता है जो चुनौती है। आरके पोद्दार ने बताया कि करों में एकरूपता लाकर इस स्थिति को सुधारा जा सकता था जिसके लिए सरकार जीएसटी लाई लेकिन इसमें भी एक रुपता नहीं रही बल्कि यह आईजीएसटी (IGST), यूजीएसटी (UGST), एसजीएसटी (SGST) और आरजीएसटी (RGST) में बदल गई जो काफी जटिल हो गई है। उन्होने कहा कि सरकार को इसीलिए जीएसटी से मिलने वाला फंड नहीं मिल पा रहा है।

आरके पोद्दार के मुताबिक सरकार को मांग को बढाना पड़ेगा इसके लिए नरेगा और अन्य सामाजिक योजनाओं में पैसा डालना पडेगा तभी जाकर मांग बढेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस बजट के जरिए वही प्रयास कर रही है जो उसे 2 या 3 साल पहले कर देना चाहिए था, लेकिन आज सरकार के पास फंड की कमी है ऐसे में सरकार को देश के बाहर का मुंह ताकना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में व्यापार क्षेत्र से सरकार के सेन्टीमेन्ट्स (business sentiments) खत्म हुए हैं जिसके चलते व्यापारियों की क्रिमिनल लायबिलिटीज (criminal liabilities) बढ गई है। ऐसे में सरकार भले ही इंस्पेक्टर राज को कम करने का दावा कर रही हो लेकिन इंस्पेक्टर राज देश में बढा है। आरके पोद्दार ने बताया कि सरकार को इस बजट को सही मूर्त रुप देने के लिए सेन्टीमेन्ट्स एडजस्ट करने होंगे साथ ही रोजगार (Employment) को बढाना होगा और इसके लिए माल की मांग को बढावा देना होगा।

वहीं फिक्की राजस्थान की पूर्व प्रेसीडेन्ट अपरा कुच्छल का मानना है कि इस बजट में स्टार्टअप (startup) और एमएसएमई सेक्टर की स्कीम से बूस्ट मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला उद्ममियों को इस बार बजट में नजर अंदाज किया गया।

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