जालोर सिरोही लोकसभा सीट में कौन जीतेगा? मुद्दे, मोदी लहर या जातीय समीकरण - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
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जालोर सिरोही लोकसभा सीट में कौन जीतेगा? मुद्दे, मोदी लहर या जातीय समीकरण

जनमंथन, जयपुर। जालोर सिरोही संसदीय क्षेत्र में कांटे की टक्कर नजर आ रही है। भाजपा का गढ बन चुके जालोर सिरोही में भाजपा ने मौजूदा सांसद देवीजी पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है वहीं कांग्रेस ने पिछले जातीय चेहरे को बदलकर रतन देवासी को उम्मीदवार बनाया है….आइये जानते हैं विकास के मुद्दे, मोदी लहर के बीच जातीय समीकरणों का खेल……

जालौर सिरोही लोकसभा क्षेत्र आजादी के बाद से ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट थी. यहां हुए कुल 16 लोकसभा चुनाव में 8 बार कांग्रेस, 4 बार बीजेपी, 1 बार स्वतंत्र पार्टी, 1 बार भारतीय लोक दल और 1 बार निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की.. पिछले 3 बार से जालौर सीट पर लगातार बीजेपी का कब्जा है….यहां मौजूदा सांसद बीजेपी के देवीजी पटेल हैं।

आइये सबसे पहले नजर ड़ालते हैं जालोर सिरोही संसदीय क्षेत्र में मतदाता व जातीय समीकरणों पर
• कुल वोटर – 20लाख 59 हजार 775
• पुरुष मतदाता- 1083723
• महिला मतदाता – 976039
• बिश्नोई समाज के करीब 780000 मतदाता हैं।
• अनुसूचित जाति के मतदाताओँ की संख्या करीब 307000 है।
• अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं की संख्या करीब 330000 है।
• कलबी समाज के मतदाता – 207000
• रेबारी समाज के मतदाता – 132000
• माली समाज के मतदाता – 110000
• राजपुरोहित समाज के मतदाता- 102000
• जाट समाज के मतदाता- 29000
• अन्य मतदाता 603000

जालोर सिरोही संसदीय सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने जातीय समीकरण के आधार पर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं, जिससे अब चुनावी दंगल भी शुरू हो चुका है। बीजेपी के देवीजी पटेल यहां से लगातार दो बार सांसद रह चुके हैं…पार्टी ने इस बार फिर से देवजी पटेल को प्रत्याशी बनाया है।…वहीं कांग्रेस की ओर रानीवाडा के पूर्व विधायक रतन देवासी को चुनाव मैदान में उतारा है। देवजी पटेल क्षेत्र के कलबी चौधरी समाज से आते हैं।

यह रहा था जालोर सिरोही सीट पर 2014 का जनादेशः-
• बीजेपी के देवीजी पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार उदयलाल आंजना को हराया।
• निर्दलीय उम्मीदवार बूटा सिंह तीसरे स्थान पर रहें।
• बीजेपी के देवीजी पटेल को 5,80,508 वोट मिले।
• कांग्रेस के उदयलाल आंजना को 1,99,363 वोट मिले।
• बूटा सिंह को 1,75,344 वोट मिले थें।

सांसद रिपोर्ट कार्डः-
16वीं लोकसभा में देवीजी पटेल की मौजूदगी 81.62% रही।
उन्होंने 562 सवाल पूछें और 196 बहसों में हिस्सा लिया।
देवीजी पटेल ने 9 प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किए।
पटेल ने कुल सांसद निधी का 60.8% अपने संसदीय क्षेत्र पर खर्च किया।

जालौर लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा की 8 सीटें आती हैं. जिसमें जालौर जिले की 5 और सिरोही जिले 3 विधानसभा शामिल हैं. हाल में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इन 8 विधानसभाओं में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि 1 सीट पर कांग्रेस और 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता. इस लिहाज से जालौर-सिरोही के मौजूदा सियासी समीकरण में बीजेपी का पलड़ा भारी है…दूसरी ओर कांग्रेस ने रानीवाड़ा के पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य सचेतक रतन देवासी को लोकसभा चुनाव में टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा हैं। बता दें कि भाजपा के देवीजी पटेल के सामने कांग्रेस का कलबी चौधरी उम्मीदवार जीत नहीं पा रहा था। इसीलिए कांग्रेस ने क्षेत्र की दूसरी सबसे बाहुल्य जाति देवासी के रतन देवासी को इस बार टिकट दिया है। मुकाबला रोमांचक नजर आ रहा है।

अब नजर नजर डालते हैं जालोर सिरोही संसदीय क्षेत्र में विकास से जुडे मुद्दों परः-
जालोर सिरोही संसदीय क्षेत्र न केवल आम आदमी से जुडी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है बल्कि आज भी आधारभूत ढांचे के विकास को तरस रहा है। क्षेत्र शिक्षा, चिकित्सा मे पिछड़ा हुआ नजर आता है…यहां के लोग एक बार फिर रेल सुविधा, रोडवेज बसों की सुविधा और लग्जरी बसों की सुविधा की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जिला मुख्यालय को उपखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क अभी तक हाईवे नहीं बन पाई है। हांलाकि मोदी लहर में मुद्दे गौण भी नजर आ रहे हैं।

क्षेत्र में इस बार भी मुद्दों से ज्यादा मोदी की लहर है…हांलाकि यहां जातीय समीकरण भी मायने रखते हैं। कांग्रेस को लगता है कि कलबी चौधरी समाज के पारंपरिक वोट तो उन्हें मिलेंगे ही लेकिन देवासी समाज का उम्मीदवार उतारने से देवासी समाज के पूरे वोटों का ध्रुवीकरण करने में कांग्रेस कामयाब हो पाएगी। हांलाकि असली कामयाबी किसे मिलेगी यह तो 23 मई को ही पता चल पाएगा।

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