दौसा लोकसभा सीट पर टिकट की दौड़ में सबसे आगे पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीणा - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
जयपुर दौसा पॉलिटिक्स

दौसा लोकसभा सीट पर टिकट की दौड़ में सबसे आगे पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीणा

जनमंथन, जयपुर। काफी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस ने आखिरकार गुरुवार को 19 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। भाजपा के लिए जोखिम भरी दौसा सीट पर अभी भाजपा अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं कर पाई है लेकिन कांग्रेस ने दौसा से विधायक मुरारीलाल मीणा की पत्नी सविता मीणा को टिकट दिया है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में ही 3 महिला उम्मीदवारों को शामिल किया है जबकि भाजपा की 16 नामों की पहली सूची में किसी भी महिला उम्मीदवार का नाम नही है। अब सवाल उठता है कि कांग्रेस की सविता मीणा के सामने भाजपा के पास ऐसी कोई कद्दावर नेता है जो पारंपरिक रुप से कांग्रेस के दबदबे वाली इस सीट पर कब्जा जमा सके।

राज्यसभा सांसद डॉ किरोडीलाल मीणा की पत्नी और पूर्व विधायक गोलमा यहां से भाजपा के टिकट पर चुनाव लडना चाहती हैं। दूसरी ओर भाजपा के बाग़ी महुआ विधायक ओमप्रकाश हुड़ला भी अपनी पत्नी प्रेमप्रकाश हुड़ला को चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। पूर्व मंत्री रामकिशोर मीणा भी यहां से टिकट की लाइन में खडे हैं। लेकिन इन सबके अलावा एक और नाम है पूर्व केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री जसकौर मीणा का जिस पर भाजपा कोर कमेटी की बैठक में गहनता से विचार हुआ।

अगर सियासी समीकणों का हिसाब किताब कहता है कि अगर गोलमा को टिकट मिलता है डॉ. किरोडी की क्षेत्र में गिरती लोकप्रियता का नुकसान यहां भाजपा को उठाना पड़ सकता है। अगर भाजपा ओमप्रकाश हुड़ला की पत्नी को यहां से टिकट देती है तो कमजोर राजनैतिक वजूद के साथ- साथ डॉ. किरोडी की नाराजगी का यहां पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। उधर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक मुरारीलाल मीणा की पत्नी सविता मीणा राजनैतिक रुप से सक्रिय रही हैं। मिलनसार व्यक्तित्व वाली सविता मीणा को अपने पारिवारिक राजनैतिक वर्चस्व के अलावा कांग्रेस के दिग्ग्जों का भी फायदा मिल सकता है। डिप्टी सीएम सचिन पायलट के गृहजिले दौसा में पूर्व मंत्री नमोनारायण मीणा और विधायक हरीश मीणा भी राजनैतिक रुप से सक्रिय रहे हैं।

ऐसे में अब भाजपा के पास पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीणा ही एक बड़ा चेहरा है जो महिला होने के साथ ही मजबूत राजनैतिक वजूद भी रखती हैं। जसकौर ही भाजपा की जोखिम में फंसी दौसा लोकसभा सीट को बचा सकती हैं। भाजपा कोर कमेटी की बैठक में जसकौर मीणा के नाम पर भी देर रात तक चर्चा हुई। पूर्व में जसकौर मीणा सवाई माधोपुर से एक बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। जसकौर भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल थी और लम्बे समय तक केंद्रीय कार्यकारिणी में उपाध्य्क्ष भी रही हैं। जसकौर मीणा भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पूर्व शिक्षिका थी। बाद में भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रभावित होकर राजनीति में सक्रिय हैं।

दरअसल दौसा संसदीय क्षेत्र का मण्डावरी कस्बा पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीणा का जन्म स्थान है। जसकौर यहीं पली -बढी और लालसोट के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विधालय में बतौर शिक्षिका उनकी पहली पोस्टिंग हुई। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य दौसा लोकसभा सीट पर अब मीणा समाज के साथ अन्य समाजों का भी जसकौर मीणा को पूर्ण समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि जसकौर मीणा अनुसूचित जनजाति की पहली महिला सांसद और मंत्री रही हैं। उनके विकास कार्यों की बात करें तो केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रहते हुए उन्होंने सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन से 18 ट्रेनों को जोड़ने का इतिहास रचा वहीं कुल 30 ट्रेने चलाई। जयपुर से बयाना के लिए एक ट्रेन तो जसकौर के नाम से ही चलाई गई जो आज भी संचालित है। दौसा के आम आवाम का भी मानना है कि पिछले एक दशक में दौसा संसदीय क्षेत्र राजनीति का शिकार हुआ है और विकास कार्यों में पिछड़ा है। ऐसे में जसकौर मीणा को अगर यहां से मौका मिले तो दौसा की तस्वीर बदल जाएगी।

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