जसकौर को टिकट देकर भाजपा का दौसा में फिर हो सकता है पलड़ा भारी ! - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
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जसकौर को टिकट देकर भाजपा का दौसा में फिर हो सकता है पलड़ा भारी !

जनमंथन, जयपुर। बीजेपी के पार्टी सूत्रों से खबर आ रही है कि जोखिम में फंसी दौसा लोकसभा सीट पर पार पाने के लिए बीजेपी पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जसकौर मीणा को मौका दे सकती है। बता दें कि जसकौर मीणा सवाई माधोपुर से एक बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। जसकौर भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल थी और लम्बे समय तक केंद्रीय कार्यकारिणी में उपाध्य्क्ष भी रही हैं। जसकौर मीणा भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पूर्व शिक्षिका थी। बाद में भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रभावित होकर राजनीति में सक्रिय हैं।

इसलिए मिल सकता है जसकौर को मौका
2009 के परिसीमन में दौसा लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गई, 2009 के आम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार किरोड़ी लाल मीणा यहां से चुनाव जीतकर सांसद बने। जबकि 2014 में बीजेपी के टिकट पर हरीश चंद्र मीणा यहां से विजयी हुए थे। वर्तमान में हरीश चंद्र मीणा कांग्रेस में शामिल होकर देवली-उनियारा से विधायक हैं वहीं डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं। हांलाकि डॉ. किरोड़ीलाल मीणा लोकसभा चुनाव लड़ना चाह रहे हैं लेकिन महुवा विधायक ओमप्रकाश हुड़ला और डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के बीच जारी विवाद के चलते पार्टी नेतृत्व कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता।

क्षेत्र में डॉ. किरोड़ी की लोकप्रियता का गिर रहा है ग्राफ
बताया जा रहा है कि भाजपा में शामिल होने के बाद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने महुवा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश हुड़ला का टिकट कटवाया था। इस सीट पर भाजपा से डॉ. किरोड़ी की पत्नी गोलमा देवी प्रत्याशी थी और ओमप्रकाश हुड़ला ने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव जीत लिया। बताया जा रहा है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण में डॉ. किरोड़ी ने अपनी चलाई थी और इससे पार्टी को नुकसान हुआ। इन चुनावों में बांदीकुई, सिकराय, दौसा, लालसोट और चाकसू सीट पर कांग्रेस जीती, जबकि थानागाजी, बस्सी और महुआ सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया। इस लिहाज से दौसा की 8 सीटों में 5 पर कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को लगने लगा है कि अब दौसा संसदीय क्षेत्र में डॉ. किरोड़ी की लोकप्रियता का ग्राफ गिरने लगा है। खबर यह भी आ रही है कि ओमप्रकाश हुड़ला भी अपनी पत्नी प्रेमप्रकाश हुड़ला को बीजेपी के टिकट पर दौसा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं। हांलाकि हुड़ला की पत्नी प्रेमप्रकाश का भी पूर्व में कोई राजनीतिक वजूद नहीं रहा है, और वह अशिक्षित है। इसके अलावा डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और ओमप्रकाश हुड़ला के विवाद में पार्टी कोई भी नुकसान नहीं चाहती है। यही वजह है कि पार्टी अब दौसा संसदीय क्षेत्र से सभी सियासी और जातीय समीकरणों में बिल्कुल फिट बैठने वाले उम्मीदवार की तलाश कर रही है। ऐसे में जसकौर मीणा यहां बिल्कुल फिट बैठती नजर आ रही हैं।

दौसा संसदीय क्षेत्र से जसकौर का जुड़ाव
दरअसल दौसा संसदीय क्षेत्र का मण्डावरी कस्बा पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीणा का जन्म स्थान है। जसकौर यहीं पली -बढी और लालसोट के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विधालय में बतौर शिक्षिका उनकी पहली पोस्टिंग हुई। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य दौसा लोकसभा सीट पर अब मीणा समाज के साथ अन्य समाजों का भी जसकौर मीणा को पूर्ण समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि जसकौर मीणा अनुसूचित जनजाति की पहली महिला सांसद और मंत्री रही हैं। उनके विकास कार्यों की बात करें तो केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रहते हुए उन्होंने सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन से 18 ट्रेनों को जोड़ने का इतिहास रचा था। जयपुर से बयाना के लिए एक ट्रेन तो जसकौर के नाम से ही चलाई गई जो आज भी संचालित है। दौसा के आम आवाम का भी मानना है कि पिछले एक दशक में दौसा संसदीय क्षेत्र राजनीति का शिकार हुआ है और विकास कार्यों में पिछड़ा है। ऐसे में जसकौर मीणा को अगर यहां से मौका मिले तो दौसा की तस्वीर बदल जाएगी।

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