जेएलएफ को लेकर सीएस ने ली अहम् बैठक, ट्रैफिक, स्वाइन फ्लू, पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
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जेएलएफ को लेकर सीएस ने ली अहम् बैठक, ट्रैफिक, स्वाइन फ्लू, पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

जनमंथन, जयपुर। 24 से 28 जनवरी तक जयपुर में आयोजित होने जा रहे जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल 2019 को लेकर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने आज अहम् बैठक ली। मुख्य सचिव ने बताया कि JLF में इस बार 21 अंतर्राष्ट्रीय और 16 भारतीय भाषाओं में 353 स्पीकर अपनी बात रखेंगे। इनमें 241 भारतीय स्पीकर और 112 अंतर्राष्ट्रीय स्पीकर शामिल हैं। फेस्टिवल में इस बार कुल 339 लेखक शामिल होंगे। बता दें कि इस बार भी इस साहित्य महाकुंभ में 5 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

बैठक में पार्किंग समस्या, कानून व्यवस्था और पर्यटन संबंधी सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। शहर के बीचों बीच होने वाले इस साहित्य मेले को जेईसीसी में भी स्थानांतरित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि आयोजकों ने इस बार कंपलीट बुकिंग कर ली हैं लेकिन वे वैन्यू के कुछ break out sessions को अगले साल से डिग्गी पैलेस से बाहर करने को लेकर सहमत हैं।

मुख्य सचिव के मुताबिक आयोजकों ने दलील दी है कि राजस्थान का ओल्ड वर्ल्ड चार्म लुक डिग्गी पैलेस में ही नजर आता है और देशी विदेशी विजिटर्स भी इसी को पसंद करते हैं।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने बताया कि डिग्गी पैलेस में भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतेजामात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि टोंक रोड पर यातायात का भार कम करने के लिए रामनिवास बाग के गेट खोलने पर विचार किया जा रहा है।

राजस्थान में बढती स्वाइन फ्लू की समस्या को लेकर अमेरिकन गवर्नमेन्ट और अन्य देश पहले ही एडवाइजरी जारी कर चुके हैं। ऐसे में जयपुर के डिग्गी पैलेस में होने वाला जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) कितना प्रभावित होगा? मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने इसके जवाब में कहा कि अभी तक जेएलएफ के तमाम रजिस्ट्रेशन्स में से कैन्सिलेशन नहीं आए हैं। मुख्य सचिव ने स्वीकारा कि 15 जनवरी राजस्थान स्वाइन फ्लू का असर सबसे ज्यादा होता है जिसका असर दिखना शुरु हो चुका है।

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