गहलोत सरकार के केबिनेट में रमेश मीणा, खाचरियावास होंगे शामिल! - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
January 12, 2019
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गहलोत सरकार के केबिनेट में रमेश मीणा, खाचरियावास होंगे शामिल!

जनमंथन, जयपुर। प्रदेश में सियासी हवाएं इस बार ऐसी चलीं कि राजस्थान का मौसम ही बदल कर रख दिया। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में मिली ऐतिहासिक शिकस्त के बाद शायद ही किसी कांग्रेसी ने सोचा होगा कि भाजपा के महज एक कार्यकाल के बाद ही वे जीत का स्वाद चख लेंगे। लेकिन हुआ बिल्कुल ठीक ऐसा ही, विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने जीत का सैंकड़ा छू लिया और सत्ता पर कब्जा करने का रास्ता साफ किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत ने कमान संभाली है वहीं सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

चलिए। सीएम और डिप्टी सीएम के चयन के बाद अब 17 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। ऐसे में राजस्थान के नए मुखिया के बेड़े में कौन- कौन शामिल होगा इस पर भी नजर रहेगी। हांलाकि दिग्गजों को पहले मौका मिलेगा जैसे कि सीपी जोशी, बीडी कल्ला, शांति धारीवाल, महेश जोशी, दीपेन्द्रसिंह शेखावत, रघु शर्मा और प्रमोद जैन भाया को शुरुआती मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय माना जा रहा है।

लेकिन कुछ ऐसे नाम भी हैं जिन्होंने पिछले पांच साल के कार्यकाल में सत्तापक्ष और प्रदेश की जनता को कांग्रेस की मौजूदगी का ऐहसास कराए रखा। इन विधायकों में पहला नाम रमेश मीणा, दूसरा गोविन्दसिंह डोटासरा और तीसरा प्रतापसिंह खाचरियावास का आता है। गोविन्दसिंह डोटासरा ने जहां सरकारी योजनाओँ की पोल खोली वहीं रमेश मीणा ने भाजपा सरकार के काले कारनामों की कलई खोलकर रख दी। सदन के बाहर प्रतापसिंह खाचरियावास ने भी पेट्रोल, डीजल, महंगाई, रोडवेज और नोटबंदी जैसे मुद्दों में हवाफूंकी।

माना जा रहा है कि कांग्रेस मंत्रिमण्डल में रमेश मीणा को खास जिम्मेदारी मिल सकती है। गौरतलब है कि पिछली विधानसभा शुरु होने से आखिर तक सत्तापक्ष की नाक में दम करके रखने वाले विधायकों में रमेश मीणा सबसे आगे रहे। रमेश मीणा के तल्ख और तार्किक तेवर देखते हुए उन्हें सदन में उपनेता प्रतिपक्ष की जगह भी मिली। जयपुर डेयरी में मिलावट, बिजली कंपनियों को बेचने, स्कूल शिक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने सरकार को जमकर घेरा। सदन के बाहर भी सरकार के घोटालों और गैर नीतिगत फैसलों पर वे प्रेस कॉन्फ्रेन्स के जरिए मुखर रहे।

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