November 16, 2018
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4 साल में कहां पहुंचा देश की शिक्षा का स्तर, जानिए मोदी सरकार के वादे और देश की आम राय

जनमंथन, नई दिल्ली। मोदी सरकार को चार साल पूरे हो चुके हैं। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे पीएम मोदी ने इस दौरान फिर से देश की शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 1 लाख करोड़ खर्च करने का दावा कर दिया। हांलाकि यह घोषणा पहले भी कई मंचों से पीएम मोदी और उनके मंत्री कर चुके हैं। 2014 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में भी देश की शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए रिसर्च और वोकेशनल एजुकेशन को बढावा देने की घोषणा की गई थी। चार साल बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हो पाई है। इसके लिए आज तक नई शिक्षा नीति तैयार नहीं हुई है।

मोदी सरकार की तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी साल 2015 में नई शिक्षा नीति के लिए समिति गठित कर चुकी हैं। उनके हटने के बाद मौजूदा मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर भी एक समिति गठित कर चुके हैं जबकि नीति निर्धारण का काम अभी ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। सरकार के कार्यकाल को महज 1 साल बचा है और अब जावडेकर कह रहे हैं अगले 3 महीने में नई शिक्षा नीति लाई जाएगी।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि देश में शिक्षा नीति को सुधारने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात अब बेमानी लगती है जब सरकार को 1 साल बचा है। देश में शिक्षा के हालातों पर आम लोगों की राय जानने पर मोदी सरकार के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया मिली हैं। दिल्ली, बैंगलूरु, देहरादून, भोपाल, चण्डीगढ और जयपुर के स्टूडेन्ट्स की राय जानी तो 61.9 फीसदी स्टू़डेन्ट्स ने सरकार पर सवाल खडे किए।

इनमें 44.7 फीसदी स्टूडेन्ट्स ने सरकार के अर्न व्हाइल लर्न कार्यक्रमों पर सवाल किया। ‘नेशनल मल्‍टी स्‍किल मिशन के तहत् रोजगार देने के सरकार के वादों को भी स्टूडेन्ट्स ने निराधार बताया। 19 फीसदी स्टूडेन्ट्स ने कहा कि रिसर्च और वोकेशनल पढ़ाई को बढावा देने का मोदी सरकार का वादा भी झूठा साबित हुआ। स्टूडेन्ट्स ने तो युनिवर्सिटीज में टीचर्स की व्यापक कमी भी बताई।

2014 लोकसभा चुनाव घोषणा पत्र में किए थे बड़े बडे वादे

  • सर्व शिक्षा अभियान को सशक्त करने की कही थी बात।
  • ई लाइब्रेरियों की स्थापना करना।
  • अर्न व्हाइल लर्न कार्यक्रमों की जमीनी स्तर पर क्रियान्विति।
  • ”नेशनल मल्‍टी स्‍किल मिशन” के जरिए रोजगार के अवसर बढाए जाएंगे।
  • रिसर्च और वोकेशनल पढ़ाई को बढावा देने का भी किया वादा।
  • देश की यूनिवर्सिटी में टीचर्स की व्यापक कमी को दूर करेगी।
  • सेकेंडरी स्कूल एजुकेशन की समीक्षा कर बेहतर बनाएगी।
  • यूजीसी को उच्च शिक्षा कमिशन में तब्दील करने की बात कही।
  • घोषणापत्र में नैशनल ई-लाइब्रेरी बनाने की बात कही गई।
  • ऑन लाइन कोर्सेज शुरू करने के लिए नई योजना का वादा।
  • कौशल विकास के लिए ग्राउंड लेबर पर नई योजनाएं।

ये रहीं चार साल में मोदी सरकार की उपलब्धियां

  • 7 आईआईटी, आईआईएम, 14आईआईआईटी खुले।
  • कई नए विश्वविद्यालय भी खोले गए।
  • स्किल इंडिया के जरिए 1 करोड युवाओँ को प्रशिक्षण का किया दावा।

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