November 16, 2018
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दिव्यांग मॉडल्स का रैंप पर जलवा, सुधा चंद्रन ने बढाया हौंसला

जनमंथन, जयपुर। दिव्यांग लोगों के एक प्रमुख केंद्र- नारायण सेवा संस्थान ने अपने बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम ‘दिव्य 2018‘ के तहत गुलाबी शहर जयपुर में रवींद्र रंगमंच पर आज एक असाधारण फैशन और टैलेंट शो का आयोजन किया। शो के प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए, बॉलीवुड अभिनेत्री और कलाकार सुधा चंद्रन भी इस दौरान उपस्थित रहीं और उन्होंने दिव्यांग रॉकस्टार्स का हौसला बढाया।

नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल ने बताया, ‘‘इन अद्भुत प्रतिभागियों के लिए सिलाई मशीन पर परिधानों को डिजाइन करने और पूरे भरोसे के साथ रैंप पर अपने डिजाइनों को प्रदर्शित करने का यह कौशल उतना आसान नहीं था, जितना उन्होंने आज मंच पर दिखाया। यह सिर्फ उनके साहस और आत्मविश्वास के कारण संभव हो पाया है कि जहां भी हमने इस शो का आयोजन किया है, नारायण सेवा संस्थान ने वहां मौजूद विशाल श्रोता वर्ग का दिल जीता है।‘‘

फैशन शो के दौरान मुख्य तौर पर चार राउंड आयोजित किए गए- कैलिपर्स के साथ फैशन राउंड, व्हीलचेयर के साथ फैशन राउंड, क्रचिज के साथ फैशन राउंड और आर्टिफिशियल लिम्स के साथ फैशन राउंड। हरेक राउंड में 10 माॅडल्स ने रैंप वाॅक किया। प्रत्येक दिव्यांग की सहायता के लिए एक को-माॅडल भी रैंप पर मौजूद रहा। इन विशेष रूप से सक्षम मॉडल के चमकते चेहरों ने पूरी गरिमा और शान के साथ उनके उस आत्मविश्वास को व्यक्त किया, जिसके बल पर उन्हें मुख्यधारा में शामिल माना जाता है।

भारत नाट्यम डांसर और बॉलीवुड अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने इस मौके पर कहा, ‘‘अक्षमता वाले किसी शख्स को कभी नजरअंदाज न करें क्योंकि हमें नहीं पता कि वे कितना प्रेरित कर सकते हैं। नारायण सेवा संस्थान सबसे अच्छे गैर-लाभकारी संगठनों में से एक है। यह सिर्फ चिकित्सा सहायता प्रदान नहीं कर रहा है बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढने में भी लगातार मदद करता है। शो के दौरान दिव्यांग लोगों के शानदार प्रदर्शन ने मेरे दिल को छुआ है और इससे मैं बहुत प्रेरित हुई हूं। सभी प्रतिभागियों को मेरी शुभकामनाएं और दुआ करती हूं कि वे अपने जीवन की यात्रा में नए मुकाम हासिल करें।‘‘

नारायण सेवा संस्थान दिव्यांग लोगों के लिए 1100 बिस्तर वाला अस्पताल चलाता है, जहां यह विशेष रूप से सक्षम लोगों को शारीरिक रूप से फिट बनाने के लिए प्रमुख सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराता है। इससे भी आगे बढकर यह अपने वोकेशनल कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसे लोगों को अपना कौशल विकसित करने में और उनके लिए रोजगार तलाश करने में भी उनकी मदद करता है। नारायण सेवा संस्थान के परिसर में एक कौशल केंद्र है जहां सिलाई के काम का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इन प्रशिक्षित दिव्यांग व्यक्तियों ने विशेष रूप से सक्षम मॉडल द्वारा रैंप पर प्रदर्शन करने के लिए बेहतरीन परिधान डिजाइन किए हंै।

नारायण सेवा संस्थान – फैक्टशीट
– राजस्थान के उदयपुर में कुल 17 इमारतों वाले 2 अस्पताल, जिनमें है 1100 बिस्तरों की क्षमता।
– रोगियों और उनके परिवारों के लिए निशुल्क सर्जरी, दवाएं और भोजन।
– डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों की 125 लोगों की टीम द्वारा रोज 95 से अधिक सर्जरी।
– निशुल्क फिजियोथेरेपी, कैलीपर, ट्राइसाइकल, व्हीलचेयर, क्रिचिज, सुनने की मशीन, दृष्टिहीन की लाठी और मॉड्यूलर कृत्रिम अंग।
– हर साल सहायक उपकरणों के साथ 25000 कैलीपर और लगभग 11000 मॉड्यूलर कृत्रिम अंगों को लगाने की निशुल्क व्यवस्था।
– अब तक संस्थान ने लगभग 7.95 लाख व्हीलचेयर और लगभग 2.59 लाख ट्राइसाइकल दान किए हैं।
– 5000 रोगियों और उनके सहायकों के लिए प्रतिदिन पोषण से युक्त भोजन।
– विशेष रूप से सक्षम 8,750 व्यक्तियों को 2011 से कौशलयुक्त बनाने का काम।
– सर्जरी के बाद 2,875 व्यक्तियों ने मोबाइल मरम्मत कार्य शुरू किया।
– 2830 लोगों को कंप्यूटर और हार्डवेयर का प्रशिक्षण।
– प्रतिभाशाली दिव्यांग लोगों के कौशल का प्रदर्शन करने के लिए फैशन शो का आयोजन।
– नारायण सेवा संस्थान में इलाज किए गए विभिन्न दिव्यांग मॉडल द्वारा रैंप वाॅक।

नारायण सेवा संस्थान के बारे में
नारायण सेवा संस्थान दुनिया के विशेष रूप से सक्षम और वंचित लोगों के लिए एक बेहतरीन स्थान है। पद्मश्री कैलाश ‘मानव‘ अग्रवाल द्वारा 1985 में स्थापित नारायण सेवा संस्थान एक धर्मार्थ संगठन है जो दिव्यांग लोगों के समुदाय को शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा लाने के लिए सेवा प्रदान करता है। झीलों की नगरी उदयपुर के पास बडी गांव में स्थित नारायण सेवा संस्थान प्रकृति की गोद में अरावली पहाड़ियों की सीमा से घिरा हुआ है।

नारायण सेवा संस्थान ‘दिव्यांग लोगों के लिए एक ऐसा स्मार्ट कैंपस‘ है, जहां ‘जीवन के किसी भी स्तर पर, किसी भी तरह से वंचित अनुभव करने वाले लोगों के लिए‘ सभी सुविधाएं जुटाई गई हैं। संस्थान भारत में अपनी 480 शाखाओं और विदेशों में 86 शाखाओं के साथ विकलांगता को कम करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए काम करता है। प्रतिदिन एक निशुल्क वाहन उदयपुर रेलवे स्टेशन पर मरीजों और उनके परिवारों को लेने के लिए पहुंचता है और इसके बाद गेस्ट हाउस में उनके लिए मुफ्त आवास और भोजन की व्यवस्था की जाती है।

नारायण सेवा संस्थान भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, यूक्रेन, ब्रिटेन और यूएसए में रहने वाले और पोलियो और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित शारीरिक रूप से विकलांग रोगियों और अन्य जन्म विकलांगता से पीड़ित लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर उभरा है। नारायण सेवा संस्थान ने पिछले 30 वर्षों में 3.5 लाख से ज्यादा मरीजों का ऑपरेशन किया है और और उन्हें चिकित्सा सेवाओं, दवाइयों और प्रौद्योगिकी का निशुल्क लाभ देकर पूर्ण सामाजिक-आर्थिक सहायता प्रदान की है। किसी भी प्रकार के शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए नारायण सेवा संस्थान आने वाले मरीजों को यहां किसी भी नकद काउंटर या भुगतान गेटवे से गुजरना नहीं होता। संस्थान में 1100 बिस्तरों वाले अस्पताल हैं जहां 125 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की एक टीम प्रतिदिन लगभग 95 रोगियों का ऑपरेशन करते हुए मानवता की सेवा में जुटी है।

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