ग्राण्ड मास्टर शिफूजी ने भारतीय स्किल डेवलपमेन्ट युनिवर्सिटी में मनाया महिला दिवस का जश्न - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
January 17, 2019
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ग्राण्ड मास्टर शिफूजी ने भारतीय स्किल डेवलपमेन्ट युनिवर्सिटी में मनाया महिला दिवस का जश्न

जनमंथन, जयपुर। भारतीय स्किल डेवलपमेन्ट युनिवर्सिटी, जयपुर के स्टूडेन्ट्स और फैकल्टी के लिए गुरुवार का दिन खास था। विश्व महिला दिवस के मौके पर यहां ग्राण्ड मास्टर शिफूजी ने भारतीय स्किल डेवलपमेन्ट युनिवर्सिटी कैंपस का दौरा किया और बड़े ही रोचक अदांज़ में महिला दिवस का जश्न मनाया। उन्होंने छात्रों से अपील की- उन्हें सिर्फ महिला दिवस के दिन ही नहीं, बल्कि साल के 365 दिन महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। ग्राण्डमास्टर शिफूजी शौर्य भारद्वाज एक कमांडो ट्रेनर, एक्शन डिज़ाइनर, एक्शन कोरियोग्राफर, उत्साही प्रवक्ता और अभिनेता हैं। वे एसएएसएस-नाइन (SASS9) के संस्थापक एवं चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर तथा मिशन प्रहार के फांउडर ट्रस्टी भी हैं।

उन्होंने सभी महिला विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ‘‘दुनिया देवियों के इर्द-गिर्द घूम रही है, एक पुरुष के जीवन में मां सबसे महान देवी होती हे। हमंे अपनी मां तथा अपने जीवन से जुड़ी सभी महिलाओं की पूजा करनी चाहिए। समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर सम्मान और महत्व दिया जाना चाहिए। इस जश्न के माध्यम से मैं अपने सभी युवा दोस्तों से अनुरोध करूंगा कि अपनी माताओं को सुरक्षित कर देश के विकास में योगदान दें। महिलाओं को अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का मौका मिलना चाहिए, राष्ट्र विकास में उनका योगदान भारत माता को गौरवान्वित कर सकता है।’’

ब्रिगेडियर डाॅ एस एस पबला, प्रेज़ीडेन्ट, भारतीय स्किल डेवलपमेन्ट युनिवर्सिटी, जयपुर ने कहा, ‘‘आज की महिलाएं हर क्षेत्र में शानदार परफोर्मेन्स दे रही हैं, भारत में महिला पायलट्स की संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा है। जल्द ही ऐसा दिन आएगा जब हमें पुरुष दिवस मनाने की ज़रूरत पड़ेगी। हमारे देश की मात्र 60 फीसदी आबादी आज अपनी आजीविका कमाने के लिए काम कर रही है, यही कारण है कि हमारी अर्थव्यवस्था विकसित देशों के समकक्ष आगे नहीं बढ़ पा रही है।’’

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ग्राण्डमास्टर शिफूजी शौर्य भारद्वाज ने छात्रों को पढ़ाई में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा ‘‘कला सिर्फ पसीने की भूखी होती है, आप मेहनत करें, कामयाबी खुद-बखुद चलकर आपके पास आएगी। अपना रास्ता कभी न बदलें। जब मैंने अपनी यात्रा शुरू की तो लोग मुझे आसानी से स्वीकार नहीं करते थे, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और रामप्रसाद बिस्मिल के इन शब्दों को यादकर आगे बढ़ता रहा ‘‘ये जितने घाव हैं सीने पे सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो हम पागल ही अच्छे हैं।’’

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इस मौके पर जयंत जोशी, चेयरमैन, आरयूजे ग्रुप एवं ब्रिगेडियर एसएस पबला, प्रेज़ीडेन्ट ने भारतीय स्किल डेवलपमेन्ट युनिवर्सिटी के महिला स्टाफ को सम्मानित किया, उन्हें महिला दिवस की बधाई दी। यंग अचीवर, रोबोटिक्स, ड्रोपने रेसर, एथिकल हैकर, हेमांग वैलोर, जो मात्र 10 साल के हैं और अपनी खुद की कंपनी चला रहे हैं, उन्होंने छात्रों को कभी हार न मानने के लिए प्रेरित किया।

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