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विधानसभा में राजस्थान पुलिस पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, अलवर एसपी पर कार्रवाई की मांग

जनमंथन, जयपुर। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबंचद कराटिया कानून व्यवस्था के मामले में आज सत्तापक्ष के विधायकों से घिर गए। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों ने राज्य के गृह विभाग और पुलिस महकमे पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगा दिए। भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिश्वत के दर्ज प्रकरणों का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि पिछले 4 साल में पुलिस महकमे के कितने अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मामले दर्ज किए गए और कितनों पर कार्रवाई हुई।

इस दौरान ज्ञानदेव आहूजा ने अलवर पुलिस अधीक्षक पर भी रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए। आहूजा ने कहा कि अलवर एसपी पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, किसी के साथ बदसलूकी अलवर एसपी के लिए आम बात है उनका रवैया किसी तानाशाह, हिटलरशाह जैसा है। ज्ञानदेव आहूजा ने ये आरोप लगाते हुए अलवर एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुफ्त में मिले इस मुद्दे में कांग्रेसी विधायक भी कूद पड़े। इस दौरान सदन में जोरदार हंगामा भी हुआ।

दरअसल प्रश्नकाल के दौरान सवाल करते हुए रामगढ विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि अलवर के थानों में हर माह वसूली का खेल चल रहा है। ज्ञानदेव आहूजा ने यह भी बताया कि अलवर में अवैध खनन करवाने के लिए पुलिस 15-15 लाख रुपये की की वसूली कर रही है। आहूजा ने आगे कहा कि पुलिस विभाग छोटी मछलियों पर कार्यवाही कर रहा है लेकिन बडे मगरमच्छों पर नहीं।

गृहमत्री गुलाबचंद कटारिया ने ज्ञानदेव आहूजा के मूलप्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि चार साल में 275 प्रकरणों में से कुल 200 गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने छोटे पुलिसकर्मियों के साथ ही 3 आईपीएस अफसरों को भी गिरफ्तार किया है। कटारिया ने कहा कि राजस्थान सजा दिलाने में देश में नंबर वन है। गृहमंत्री ने विस्तार से बताते हुए कहा कि कांस्टेबल से हैडकास्टेबल की रैंक के 202 पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की गयी तो वहीं सीआई से लेकर एसपी तक बडी रैंक तक के 73 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 1 पुलिसकर्मी को वीआरएस दिलवाया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में सजा देने का प्रतिशत12 है लेकिन राजस्थान में पुलिसकर्मियों का सजा का प्रतिशत 47 है जो देश का सबसे ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ आए भ्रष्टाचार के कुल 275 मामलों में से केवल 13 प्रकरण ही लंबित चल रहे हैं।

इधर अलवर एसपी के खिलाफ कार्रवाई की बात पर गृहमंत्री ने पहले तो कहा कि अलवर एसपी के खिलाफ शिकायत के सभी बिन्दू लिखकर पेश करें उचित जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सजा भी दी जाएगी। लेकिन साथ ही कटारिया ने सदन में अलवर एसपी की तारीफ भी कर दी। कटारिया ने कहा अलवर एसपी अकेला एक अधिकारी है जिसने अलवर में कानून व्यवस्था को बनाए रखा है। कटारिया के इस जवाब पह कांग्रेस विधायक गोविन्दसिंह डोटासरा ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि आप पहले ही अलवर एसपी को ईमानदारी का सर्टिफिकेट दे रहे हो कार्रवाई क्या करोगे। गृहमंत्री ने कहा कि अगर कोई ये चाहे कि विधानसभा में किसी पर आरोप लगाकार किसी पर कार्यवाही हो जाये तो ऐसा सम्भव नही है। बगैर तथ्यों के ना तो आज कार्यवाही होगी ना ही कल।

 

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