राजस्थान उपचुनाव में नहीं चला वसुंधरा का माइक्रो मैकेनिज्म, कांग्रेस ने दी कड़ी शिकस्त - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
breaking news जयपुर पॉपुलर न्यूज़ पॉलिटिक्स राजस्थान

राजस्थान उपचुनाव में नहीं चला वसुंधरा का माइक्रो मैकेनिज्म, कांग्रेस ने दी कड़ी शिकस्त

जनमंथन, जयपुर। राजस्‍थान में सत्ता का सेमीफाइनल आखिरकार कांग्रेस के पक्ष में रहा। अलवर, अजमेर लोकसभा के साथ ही मांडलगढ विधानसभा चुनाव जीतकर कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। उप चुनाव की इस जीत से कांग्रेस ने अपना खोया हुआ आत्मविश्वास जुटाया है वहीं सत्तारूढ भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को कांग्रेस ने करारी शिकस्त दी है। यह हार इतनी करारी इसलिए भी बन गई है क्योंकि इस उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा के गढ कहे जाने वाले इलाकों में जोरदार सेंधमारी की है। अलवर लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां के 8 विधानसभा क्षेत्रों में से 7 पर सत्तारूढ भाजपा का कब्जा है। लेकिन अलवर लोकसभा की पूरे आठों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को हराते हुए 1 लाख 97 हजार 707 वोटों जीत दर्ज की है। कांग्रेस के डॉ. करण सिंह ने यहां भाजपा के दिग्गज जसवंत यादव को हराया है। यही नहीं यह हार इसलिए भी करारी कही जा सकती है कि सत्तारूढ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को खुद अलवर लोकसभा उपचुनाव की कमान संभलाई गई थी। हर विधानसभा क्षेत्र पर प्रभारी मंत्री और पन्ना प्रमुखों को नियुक्त किया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पूरी मॉनिटरिंग और माइक्रो मैकैनिज्म के बावजूद भाजपा को अलवर में बडी शिकस्त मिली।

ऐसा ही हाल अजमेर लोकसभा उपचुनाव मे भी हुआ। यहां भी सभी विधानसभाओं में जीत दर्ज करते हुए कांग्रस ने भाजपा को शिकस्त दी। कांग्रेस के डॉ. रघु शर्मा ने यहां भाजपा के रामस्वरूप लांबा को 84 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। मांडलगढ विधानसभा भी कांग्रेस के खाते में गई है। हांलाकि सुबह के रुझान पहले भाजपा के शक्तिसिंह हाडा के पक्ष में नजर आ रहे थे और इन रुझानों को कांग्रेस पहले टिकट वितरण की गलती मान रही थी। लेकिन वें चरण से ही यहां कांग्रेस के पक्ष में रुझान आने लगे जो 12 हजार 976 के अंतर तक पहुंच गए। कांग्रेस के विवेक धाकड को 70143 और भाजपा के शक्तिसिंह हाडा को 57169 जबकि निर्दलीय गोपाल मालवीय को 40476 वोट मिले। कांग्रेस ने इस जीत को राजस्थान की जनता की जीत बताया है। और कहा है कि भाजपा की एन्टी इनकम्बैन्सी और जनता की बेकद्री करना का जवाब मिल गया है।

प्रदेश में भाजपा की कमान संभाल रहे प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को काफी अरसे बाद हार को स्वीकारते हुए देखा गया है। परनामी ने कहा है कि हार का विश्लेषण करेंगे।

राजस्थान में 200 में से 163 विधानसभा सीट जीतने वाली और लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप करने वाली भाजपा को आखिर किसकी नजर लग गई। जीतने के लिए आखिरी दम तक दम लगाने वाली सीएम राजे और उनके केबिनेट मंत्री भी इस हार को जीत में क्यों नहीं बदल पाए। आखिर कहां गई भाजपा की मोदीमयी लहर, इन सवालों का जवाब जनता ने अपने जनादेश से दे दिया है। यह जवाब है सुराज संकल्प के बडबोलेपन का या फिर यह जवाब है आम आदमी को नजरअंदाज करने का, चाहे जो भी हो लेकिन इन चुनावों में 17 विधानसभाओं में कांग्रेस ने नहीं जनता ने भाजपा का क्लीन स्वीप कर दिया है। लेकिन राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के लिए यह बडा सबक है।

Related posts

2 comments

Comments are closed.