JLF-2018: साहित्य के मेले में 35 से ज्यादा देशों के 250 से ज्यादा लेखक, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, फिल्मकार लेंगे हिस्सा - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
February 23, 2019
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JLF-2018: साहित्य के मेले में 35 से ज्यादा देशों के 250 से ज्यादा लेखक, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, फिल्मकार लेंगे हिस्सा

जनमंथन, जयपुर। ’साहित्य के महाकुंभ’ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार 35 से ज्यादा देशों के 250 से ज्यादा लेखक, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, फिल्मकार और अन्य सांस्कृतिक क्षेत्रों के लोकप्रिय दिग्गज भाग ले रहे हैं। इनमें 15 से ज्यादा भारतीय हैं और करीब 20 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के ज्ञाता है। इन दिग्गजों में कई नोबल, मैन बुकर, पुलित्ज़र, पद्म विभूषण और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रह चुके हैं। वक्ताओं की सूची इतनी लंबी है कि देश और दुनिया के श्रोता और साहित्य प्रेमियों की निगाह jaipur litrature festival पर टिकी है।

वक्ताओं की सूची में बैस्टसैलर उपन्यासकार अमीष शामिल हैं जो रहस्यमयी सीता और एक जटिल दिव्य पात्र राम सहित अन्य कई प्राचीन मिथकों पर अपने विचार रखेंगे। इसके अलावा अश्विन सांघी अपनी नई किताब कीपर्स ऑफ द कालचक्र पर रोशनी डालेंगे। फेस्टिवल में अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक दिग्गज भी अपने विचार रखेंगे। युवा पाठकों को लाखों की संख्या में बिक्री दर्ज कराने वाली एलैक्स राइडर सीरीज़ि के अभूतपूर्व लेखक एंथनी होरोवित्ज़, द ग्रफलो और द ग्रफलोज़ चाइल्ड जैसे आधुनिक क्लासिक्स की लेखिक जूलिया डोनाल्डसन को सुनने का मौका मिलेगा जो अपने साहित्य के सहारे अनगिनत बच्चों को शानदार सफर पर ले जा चुके हैं।

बॉलीवुड की हस्तियों में जावेद अख़्तर और शबाना आज़मी इस बार फिर से फेस्टिवल की रौनक बढाएगे। यह जोड़ी उर्दू साहित्य की परंपरा पर आयोजित होने वाले एक सत्र में अपने-अपने पिताओं क्रमशः जां निसार अख़्तर और कैफी आज़मी के जरिए अपनी काव्यात्मक धरोहर पर चर्चा करेंगे। अभिनेत्री सोहा अली खां अपने बिंदास संस्मरण के बारे में बताएंगी। जेएलएफ में निर्माता और अभिनेता अनुराग कष्यप अपनी सिनेमाई संवेदनाओं और चेतना पर बातचीत करेंगे।  फिल्म निर्माता मीरा नायर अपनी अद्भुत यात्रा और उपन्यास को एक शानदार पटकथा में बदलने की चुनौतियों पर चर्चा करेंगी।

पत्रकार राजदीप सरदेसाई क्रिकेट पर अपनी हालिया पुस्तक पर बात करेंगे जबकि नए दौर के आर्काइविस्ट रोहन मूर्ति, जो कि अपनी दूरदर्षी द मूर्ति क्लासिकल लाइब्रेरी के साथ भारत की विशाल साहित्यिक विरासत को पूरी दुनिया के लिए सुलभ बनाने के लिए प्रयासरत हैं, मेले में शिरकत करेंगे जबकि कवयित्री तिषानी दोशी अपने नवीनतम संकलन गल्र्स आर कमिंग आउट ऑफ द वुड्स पर विचार रखेंगी और कन्नड़ लेखक तथा नाट्यलेखक विवेक षानबाग भारत के क्षेत्रीय साहित्यों की विविधता को खंगालेंगे।

पिछले 10 साल में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने लगभग 2000 वक्ताओं की मेज़बानी और 10 लाख से पुस्तक प्रेमियों का स्वागत किया है। इसीलिए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल पर विश्वभर में होने वाले साहित्यक आयोजनों में प्रमुख बन चुका है।

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यह पहला अवसर है जबकि ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने अपना पुर्वावलोकन दौरा मुंबई से शुरु किया और फेस्टिवल को-डायरेक्टर नमिता गोखले तथा विलियम डैलरिंपल और प्रोड्यूसर संजय के. रॉय ने इस मौके पर अपनी अपनी पिछली स्मृतियों को उलीचकर श्रोताओं को दुनिया के इस सबसे बड़े निःशुल्क साहित्यिक मेले के स्थापित होने के सफर पर ले गए। ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के प्रोड्यूसर संजय के. रॉय, मैनेजिंग डायरेक्टर, टीमवर्क आर्ट्स ने कहा, ’’हम मुंबई में ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का पूर्वावलोकन कर भारत के सबसे बड़े कला आयोजन में प्रस्तुत होने वाले कार्यक्रमों की झलक दिखलाते हुए प्रसन्नता महसूस कर रहे हैं।‘‘

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