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एकैल्शिया का इलाज POEM तकनीक से अब जयपुर के एसआर कल्ला मैमोरियल गैस्ट्रो एण्ड जनरल हॉस्पिटल में उपलब्ध

जनमंथन, जयपुर। क्या आपको खाना निगलने में तकलीफ होती है? क्या भोजन के दौरान आपका खाना आहार नली में अटकता महसूस हो रहा है और या फिर आपकी नाक से खट्टा पानी या भोजन के अंश बाहर निकल जातें है? और भर पेट खाना खाने के बाद भी आपका वजन घट रहा है। अगर ऐसा है तो इसे सामान्य मत लीजिए, हो सकता है आप एकैल्शिया (Achalasia )से ग्रसित हों।

एकैल्शिया एक ऐसी बीमारी है जिसका समय पर ईलाज नहीं लेने से डिस्फेजिया और आहार नली का कैंसर भी हो सकता है। इस रोग का इलाज दवाईयों और बैलून डाईलेटेशन के जरिए किया जाता रहा है। लेकिन इलाज की यह तकनीक ज्यादा कारगर नहीं है और इसमें आहार नली के फटने का खतरा भी रहता है साथ ही एसिड़ रिफलक्स (acid reflux) की संभावना भी रहती है। करीब 4 फीसदी ऐसे मामले सामने आए हैं। ऑपरेशन के जरिए भी एकैल्शिया का इलाज संभव है लेकिन उसमें पेट में चीरा और इन्फेक्शन का खतरा रहता है।

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एकैल्शिया के इलाज के लिए POEM (पर ओरल एन्डोस्कोपिक मायोटोमी) तकनीक ज्यादा कारगर साबित हो रही है। पैनलेस और चीरफाड़ रहित POEM (per oral endoscopic myotomy) विधि के जरिए एडवान्स एण्डोस्कॉपी और अन्य जटिल उपकरणों के जरिए आहार नली को सिकोड़ने वाली मांसपेशियों को अंदर से काटा जाता है। पहले जापान से आई यह विधि अभी तक दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में ही उपलब्ध थी। लेकिन अब राजस्थान में पहली बार इस तकनीक के जरिए एकैल्शिया का इलाज शुरु हुआ है।

एसआर कल्ला मैमोरियल गैस्ट्रो एण्ड जनरल हॉस्पिटल, जयपुर में निःशुल्क इलाज के बाद मरीज

राजस्थान के जयपुर में स्थित एसआर कल्ला मैमोरियल गैस्ट्रो एण्ड जनरल हॉस्पिटल, जयपुर ने एकैल्शिया का इलाज POEM विधि से करना शुरू किया है। अस्पताल प्रबंधन ने सबसे पहले राज्य के तीन मरीजों को यह इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराया है जो पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। 7 अक्टूबर 2017 को दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के डॉ. विकास सिंगला और एस.आर.कल्ला अस्पताल के जयपुर के वरिष्ठ पेट और लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कल्ला और उनकी टीम( डॉ. कन्दर्भ सक्सेना, डॉ. सज्जन अग्रवाल और एनेस्थेटिक डॉ. आलोक वर्मा) ने इन तीनों मरीजों का ऑपरेशन किया है। मरीजों को काफी लंबे अरसे से भोजन और पानी निगलने में तकलीफ, वजन कम होना, मुंह और नाक से खाना बाहर आने की समस्या थी।

जानिए डॉ. मुकेश कल्ला से एकैल्शिया के बारे में:-

पीओईएम तकनीक के जरिए बिना चीरफाड़ और दर्द के मरीजो को 24 घण्टे के भीतर 100 फीसदी आराम मिल जाता है और 1-2 दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। POEM विधि के जरिए एकैल्शिया का इलाज बडे शहरों में 3 से साढे 3 लाख रुपये में उपलब्ध है लेकिन जयपुर के एस.आर.कल्ला हॉस्पिटल में यह ईलाज 50 से 60 हजार रुपये में किया जा रहा है।

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