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February 23, 2019
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राजस्थान के उद्योग मंत्री का दावा, GST काउंसिल की बैठक में राजस्थान के व्यापारियों को दी गई बड़ी राहत

जनमंथन, जयपुर। नई दिल्ली में शुक्रवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। राजस्थान के उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने दावा किया है कि जीएसटी (GST) से भयभीत राजस्थान के उद्यमियों को इन फैसलों से बडी राहत मिलेगी। राजपाल सिंह शेखावत ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में कम्पोजिशन स्कीम की 600 लिमिट को 75 लाख से बढाकर 1 करोड रुपये कर दिया गया है। उद्योग मंत्री ने बताया कि पहले ट्रे़डर्स को कंपोजिशन स्कीम का फायदा मिलता था अब इस नए बदलाव के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी 1 करोड रुपये तक के टर्न ओवर का लाभ मिलेगा।

राजपाल सिंह शेखावत ने बताया कि अब डेढ करोड रुपये तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को हर महीने रिटर्न भरने और टैक्स देने के झंझट को भी जीएसटी काउंसिल ने खत्म कर दिया है। शेखावत ने कहा कि अब डेढ करोड तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को हर तिमाही में रिटर्न भरना होगा और टैक्स देना होगा चाहे वो ट्रेडर्स हो या फिर मैन्युफैक्चरर।

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उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में एक्सपोर्टर्स को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। शेखावत ने बताया कि देश में टैक्स की स्ट्रेन्थ को ट्रैक करने के लिए ही एक्सपोर्टर्स पर भी आईजीएसटी (IGST) लगाया गया था जो रिफंडेबल है। उन्होंने बताया कि एक्सपोर्टर्स की मांग थी कि भले ही उन्हें टैक्स का पैसा रिफंड होता है लेकिन आईजीएसटी चुकाने में उनकी वर्किंग कैपिटल लंबे समय के लिए ब्लॉक हो जाती है।

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शेखावत ने बताया कि जीएसटी काउंसिल इसके लिए एक ई-वैलेट स्कीम ला रही है जो एक्सपोर्टर्स की परेशानी को खत्म कर देगी। उन्होंने बताया कि ई-वैलेट के लॉन्च होने तक तुरंत रिफंड दिए जाने की व्यवस्था की गई है। शेखावत ने बताया कि 10 अक्टूबर तक जुलाई के सभी रिफंड दिए जाएंगे जबकि 18 अक्टूबर से अगस्त के रिफंड की शुरूआत की जाएगी।

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राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान की टैक्सटाइल इंडस्ट्री और ज्वैलरी सेक्टर की टैक्स स्लैब में बदलाव की मांग थी। उन्होंने बताया कि टैक्सटाइल सेक्टर में फाइबर से फैब्रिक बनाने वाली और यार्न से फैब्रिक बनाने वाली इंटीग्रेटेड यूनिट्स को राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि यार्न पर 18 फीसदी से टैक्स को घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह ज्वैलरी सेक्टर में जॉब वर्क पर 18 फीसदी जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

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