देश की मुस्लिम बहन बेटियों के साथ आज हुआ इंसाफ, तीन तलाक के फैसले के बाद शायरा बानो ने कहा-मुस्लिम महिलाओं के लिए जश्न का दिन - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
breaking news देश पॉपुलर न्यूज़

देश की मुस्लिम बहन बेटियों के साथ आज हुआ इंसाफ, तीन तलाक के फैसले के बाद शायरा बानो ने कहा-मुस्लिम महिलाओं के लिए जश्न का दिन

जनमंथन, नई दिल्ली। शायरा बानो आज बेहद खुश है खुशी है इंसाफ की जिसकी जंग उसने खुद के साथ ही देश की कई मुस्लिम महिलाओं के लिए छेड़ी थी। मंगलवार को जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का तीन तलाक को लेकर फैसला आया शायरा को जैसे जन्नत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हए इस पर रोक लगा दी।

शायरा बानो ने यह जंग सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि जमाने से तीन तलाक का दंश झेल रही लाखों मुस्लिम विवाहिताओं के लिए आखिर जीत ही ली।

तीन तलाक के दंश को झेल कर जहां मुस्लिम महिलाएं टूट जाती है बिखर जाती है वही शायरा बानो ने खुद को मजबूती से खड़ा रखा और दूसरी महिलाओं को भी हौसला देकर सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी।

आज शायरा बानो ने एक ऐतिहासिक जंग जीत ली जिसके बाद देश ने तीन तलाक नाम की रूढ़िवादिता से भौंडी परंपरा को अलविदा कह दिया।

मामला अक्टूबर 2015 का है शायरा बानो अपना इलाज कराने अपने मायके आई हुई थी। इसी दौरान शायरा बानो के पति ने स्पीड पोस्ट के जरिए उन्हें तीन बार तलाक लिखा हुआ एक खत भेजा इस खत को पढ़कर सायरा बानो कि मानो पैरों के तले की जमीन ही खिसक गई और उसके 15 साल तक के वैवाहिक जीवन का एक झटके में अंत हो गया ।

शायरा बानो ने आज उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है आज मुस्लिम महिलाओं का दिन है आज वे जश्न मना रही है। उन्होंने कहा इस सच में भारत में ही महिलाओं के साथ सच्चा इंसाफ है।

शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कहा कि आज उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। शायरा ने कहा कि आज मुस्लिम महिलाओं का दिन है आज वे जश्न मना रही है। उन्होंने कहा भारत में ही महिलाओं के साथ सच्चा इंसाफ है।

शायरा बानो ने बताया कि उनका निकाह साल 2002 में इलाहाबाद के रिजवान के साथ हुआ था। कुछ समय गुजरने के साथ ही पति और ससुराल वाले दहेज के लिए तंग करने लगे शायरा ने बताया कि वह हर दम मुझ में कोई ना कोई को ढूंढते रहते थे। पति रिजवान भी शायरा को इस दौरान कहता था कि सायरा उसे पसंद नहीं शायरा की सास भी उससे तलाक देकर बेटे का दूसरा निकाह करवाने की बात कहती रहती थी।

शायरा बानो की पूरी कहानी में हैरान करने वाली बात यह है कि उसको पति के जुल्मों के चलते 7 बार अबॉर्शन भी करवाना पड़ा। शायरा बानो ने बताया कि समय बीतता गया, मेरे पति और ससुराल वालों के बीच झगड़े बढ़ गए। पति और ससुराल वाले अलग-अलग रहने लगे लेकिन पति रिजवान मुझे मानसिक और शारीरिक रुप से बेजा तंग करने लगा। शायरा आगे बताती है कि पति ने उसका 7 बार अबोर्शन भी करवाया। उसके साथ जमकर मारपीट भी करता था। लेकिन अपने दो बच्चों के खातिर मैं सब कुछ खामोशी से सहती रही।

दुख का पहाड़ तो शायरा पर तक टूटा जब वह बीमार रहने लगी और उसका इलाज नहीं करवाया गया। यही नहीं पति रिजवान ने उसे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर अकेले छोड़ दिया और सायरा के मां-बाप को फोन कर दिया कि उनकी बेटी मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़ी है वह उसे ले जाएं। शायरा बताती है कि मेरे पिता और भाई मुझे इसके बाद उत्तराखंड ले आए। यहां काशीपुर में उन्होंने मेरा इलाज करवाया इसी बीच 10 अक्टूबर 2015 को स्पीड पोस्ट के जरिए मुझे तलाकनामा भेजा गया।

Related posts