शराबबंदी को लेकर योगी सरकार की दोहरी छवि, रैवेन्यू के लिए यूपी में शराब बिक्री को प्रोत्साहन - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
January 10, 2019
उत्तर प्रदेश देश पॉलिटिक्स

शराबबंदी को लेकर योगी सरकार की दोहरी छवि, रैवेन्यू के लिए यूपी में शराब बिक्री को प्रोत्साहन

जनमंथन, लखनऊ। यूपी में नीति और सिद्धान्तों के रखवाले बने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की इन दिनों दोहरी छवि सामने आ रही है। कभी नशामुक्ति और शराबबंदी के हिमायती रहे आदित्यनाथ लगता है भाजपा के यूपी चुनाव से पहले किए शराबबंदी के वादे को भी भूल गए हैं। उत्तरप्रदेश में जमकर शराब की नई दुकानें आवंटित की गई हैं। ज्यादा से ज्यादा शराब की बिक्री हो इसके लिए सूबे के आबकारी अधिकारी योनजाएं बनाने में जुटे हैं।

शराबबंदी के बारे में पूछे जाने पर यूपी सरकार का हवाला देते हुए आबकारी विभाग के विशेष सचिव सुहास एल वाई कहते हैं कि शराब से ही प्रदेश को सबसे ज्यादा राजस्व मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि योगी सरकार की राज्य में शराब बंद करने की कोई मंशा नहीं है।

इस बात से शायद ही कोई अंजान है कि यूपी विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा ने सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश को नशा मुक्त करने का वादा किया था। इस वादे को भाजपा ने भुला दिया यह बात तो फिर भी मानी जा सकती है, लेकिन सत्तारूढ भाजपा का ताज पहनकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठक महंत योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और उनके नीति- सिद्धान्तों पर भी इससे सवाल उठने लगे हैं।

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इधर उत्तर प्रदेश सरकार की दलील यह है कि प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओ को संचालित करने के लिए जरूरी बजट की भरपाई शराब बिक्री से आ रहे राजस्व से ही हो रही है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश की 57 फीसदी जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। ये ही वे लोग हैं जिनमें जागरूकता की कमी है और हाड़ तोड मेहनत करने के बाद घर चलाने के तनाव में नशे और शराब की लत में हैं। नशे और शराब की लत के चलते यूपी के बाशिंदों को टी बी, कैंसर, गुर्दे की खराबी और फेफड़े जनित रोग घेर रहे हैं।

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हांलाकि जागरूकता के नाम पर शराब नहीं पीने और नशा नहीं करने की नसीहत भी यूपी सरकार करोड़ों के विज्ञापन के जरिए दे रही है। उधर नशे की लत से गंभीर बीमारी होने पर मुफ्त ईलाज का तोहफा भी, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों नशामुक्ति जागरूकता और मरीजों के इलाज पर खर्च किए जाते हैं तो क्यों न योगी सरकार जनता से किए गए शराबबंदी के उस वादे को ही पूरा कर दे जिसके दम पर वह सत्ता पर काबिज हुई है।

दूसरी ओर यूपी को क्राइम फ्री बनाने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी गौर फरमाना होगा कि आखिर नशा भी यूपी में क्राइम की सबसे बडी वजह है जिसमें महिला उत्पीड़न, बलात्कार और हत्याएं तक शामिल हैं।

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