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कई मुद्दों पर घिरीं राजस्थान की CM राजे विपक्ष से भयभीत, कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की नसीहत

जनमंथन, जयपुर। राजस्थान में सत्तारूढ वसुंधरा सरकार के लिए 2018 में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अब इसकी चिन्ता सताने लगी है। विकास के रथ पर सवार होकर जीत का डंका बजाने का उनका सपना कहीं उलटा ना पड़ जाए, इसी चिंता में डूबी हैं सूबे की मुखिया।

विपक्ष की नजर ना लग जाए वसुंधरा के सपनों को
दरअसल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी महज अब 1 साल और कुछ महीने शेष हैं। अपने साढे तीन साल के कार्यकाल में राजे सरकार ने योजनाओं के पिटारे और घोषणाओं के अंबार भी खूब लगाए हैं। लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शायद खुद भयभीत हैं कि कहीं उनके सपनों को विपक्ष (कांग्रेस) की नजर ना लग जाए। पिछले दो साल में कई मामलों में वसुंधरा सरकार जमकर घिरती नजर आई हैं, हांलाकि तब विपक्ष में बैठी कांग्रेस किसी भी मुद्दे पर मौजूदा सरकार का कुछ नहीं बिगाड़ पाई। लेकिन यह भी सच है कि अब कांग्रेस का छोटा सा भी वार मैडम राजे के सारे खेल को बिगाड़ सकता है।

युवा, किसान, गुर्जर और राजपूत समाज भी आक्रोषित
चाहे प्रदेश में रोजगार और गौशालाओं की स्थिति हो या किसानों का भूमि अधिग्रहण बिल और बढाई गई बिजली दरें सभी मामलों में मौजूदा सरकार को विपक्ष ने घेरने का प्रयास किया है। प्रदेश में किसानों की नाराजगी भी छुपी नहीं रह गई है। गुर्जरों को आरक्षण देने के मामले में भी राजे सरकार अभी तक विफल रही है। दूसरी ओर पहले राजमहल पैलेस की विवादित जेडीए कार्यवाही और अब गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर मामले में राजस्थान का राजपूत समाज आक्रोशित है और वसुंधरा से कन्नी काट रहा है। बता दें कि हाल ही में आनंदपाल एनकाउंटर मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भी एक बयान जारी कर वसुंधरा सरकार पर गैरजिम्मेदाराना होने की बात कही थी।

कांग्रेस पर CM वसुंधरा ने लगाए दुष्प्रचार के आरोप
इस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अब संगठन को मजबूत करने और विकास योजनाओं के प्रचार-प्रसार में एकाएक ज्यादा सक्रिय हो गई हैं। शुक्रवार को जयपुर में हुई राज्यभर के भाजपा मंडल अध्यक्षों की कार्यशाला में राजे पहले से ज्यादा मुखर लेकिन कुछ असुरक्षित नजर आईं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष बौखलाया हुआ है जिससे सतर्क रहने की जरूरत है। राजे ने यह भी कहा कि विपक्षी दल इन दिनों जमकर उनका दुष्प्रचार कर रहे हैं।

भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को जमीन पर रहने की नसीहत
राजधानी जयपुर के बिड़ला सभागार में हुई मंडल अध्यक्षों की कार्यशाला को एड्रेस करते हुए सीएम राजे ने उन्हें जमीन पर रहकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने इस दौरान प्रदेश में हुए विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। राजे ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार के साथ ही हर स्तर पर काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने मंडल अध्यक्षों से कहा कि वे छाती ठोककर अब जनता के बीच जा सकते हैं।

वसुंधरा राजे ने फिर किया राजस्थान में जीत का डंका बजाने का दावा
हांलाकि भाजपा मंडल अध्यक्षों की कार्यशाला में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक बार फिर से प्रदेश में जीत का डंका बजाने का दावा किया है। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की अप्रत्याशित जीत का दावा भी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मंडल अध्यक्षों को नई ऊर्जा के साथ भाजपा का चेहरा बनकर काम करने को कहा। कार्यशाला के दौरान सीएम राजे ने एक नई व्यवस्था का तोहफा भी मंडल अध्यक्षों को दिया। उन्होंने विकास कार्यों के उद्घाटनों और शिलान्यासों में मंडल अध्यक्षों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी। इस घोषणा से बिड़ला सभागार में जमकर “वसुंधरा राजे जिन्दाबाद” के नारे भी लगे। इसके अलावा वसुंधरा राजे ने विधायक और सांसद कोष के खर्च में मंडल अध्यक्षों की राय लेने के भी निर्देश दिए।

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