November 16, 2018
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कौन-कौनसे मामलों में आरोपी था आनंदपाल, आनंदपाल का काला चिट्ठा

जनमंथन, जयपुर। आनंदपाल के खिलाफ राजस्थान के कई जिलों में दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। हत्या, लूट, डकैती और गैंगवार जैसी वारदातों उसने बेखौफ अंजाम तक पहुंचाया था। राजस्थान पुलिस के लिए वह मोस्ट वांटेड क्रिमिनल था। इसके अलावा मध्यप्रदेश और यूपी पुलिस भी उसे ढूंढ रही थी। डीडवाना में जीवनराम गोदारा की गोलियों से भूनकर हत्या करने और सीकर में गोपाल फोगावट हत्याकाण्ड में वह दोषी था। इसके अलावा भी कई जघन्य मामले उस पर दर्ज थे।

आईये जानते हैं कब और कौनसा अपराध किया था आनंदपाल ने

-आनंदपाल हत्या, लूट, डकैती, हत्या, गैंगवार जैसे दो दर्जन मामलों में अपराधी था।

-राजस्थान पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड क्रिमिनल था आनंद पाल

-2006 से अपराध की दुनियां में आया था आनंदपाल।

-लगातार बढते रहे आनंदपाल के आपराधिक मामले

-राजस्थान के डीडवाना में आनंदपाल पर 13 मुकदमें हैं दर्ज ।

-2006 में ड़ीडवाना में जीवनराम गोदारा की हत्या का भी था आरोपी।

-8 मामलों में न्यायालय ने आनंदपाल को कर दिया था भगौड़ा घोषित।

-सीकर में भी गोपाल फोगावट हत्याकांड में दोषी था आनंदपाल।

-राजस्थान विधानसभा में भी कई बार गूंजे हत्या के ये गंभीर मामले।

-29 जून 2011 को उसने सुजानगढ़ में गोलियां चलाकर 3 लोगों को किया था घायल।

-जेल में भी गोलियों से खूनी खेल चुका था आनंदपाल।

-बीकानेर जेल में विरोधियों पर चलाई थी गोलियां।

-विधानसभा में कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था यह मामला।

-बुलेटप्रुफ जैकेट पहनकर खूनी होली खेलने का शौक था आनंदपाल को।

-अजमेर जेल में था आनंदपाल कई गंभीर अपराधों के चलते

कब और कैसे हुआ था आनंदपाल जेल से फरार
3 सितंबर 2015 को उस पर चल रहे आपराधिक मामलों में नागौर कोर्ट में पेशी के लिए अजमेर जेल से ले जाया गया। पेशी के बाद अजमेर जेल वापस लाते वक्त वह भारी पुलिस और कड़ी सुरक्षा को धता बताकर फरार होने में कामयाब हो गया। फरार होने से पहले आनंदपाल ने पुलिस को मिठाई में नशीली दवा मिलाकर खिलाई थी। फरारी के बाद राजस्थान पुलिस डेढ साल से उसे ढूंढ रही थी।

आदंपाल इस तरह हुआ था जेल से फरार

-पुलिसकर्मियों को नशीली मिठाई खिलाकर भागा था आनंदपाल जेल से।

-मिठाई में क्लोजापीन मिलाई थी आनंदपाल के गुर्गों ने।

-आनंदपाल, शक्ति सिंह, श्रीवल्लभ और सुभाष मूंड को थी इसकी जानकारी।

-पुलिसकर्मियों को मिठाई लगी थी कड़वी।

-पूछने पर आनंदपाल ने कहा- दवा में नागौरी मेथी है मिली।

-पुलिसकर्मियों के बेहोश होने पर फरार हो गया था आनंदपाल।

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राजस्थान सरकार थी आनंदपाल मामले में कटघरे में
एके 47, ऑटोमैटिक मशीन गन, बम जैसे हथियार रखने का शौकीन था आनंदपाल। इन हथियारों से ही वह वारदातों के अंजाम तक पहुंचाता था। आनंदपाल ने फरारी के बाद फिर से लूट, डकैती, हत्या और गैंगवार की घटनाओं को अंजाम दिया। नागौर जिले में वसूली के दौरान आनंदपाल की पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी। इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी मारा गया था। आनंदपाल फरारी का मामला राजस्थान विधानसभा में भी जमकर गूंजा। विपक्षी दलों ने कड़ी सुरक्षा के बीच आनंदपाल की फरारी पर सरकार को जमकर घेरा। सरकार पर सवाल उठने लगे कि आखिर आनंदपाल पर किसका हाथ जिसके दम पर वह खुलेआम घूम रहा है। खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने तो राजस्थान के पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान द्वारा आनंदपाल को राजनैतिक संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लगाए। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पुलिस महकमे में अफसर बदलते-बदलते और आनंदपाल मामले में जवाब देते-देते थक गए थे।

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