अनुशासन के साथ सफलता की ओर ले जाएगा जागृत योग -योग गुरू आरपी सिंह - Jan Manthan : latest news In Hindi , English
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अनुशासन के साथ सफलता की ओर ले जाएगा जागृत योग -योग गुरू आरपी सिंह

जनमंथन, जयपुर। बदलते दौर ने ह्यूमन लाइफ स्टाइल को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस अस्त व्यस्त जीवनशैली में अनुशासन की बात बेमानी लगती है। हां भले ही रोजाना विचार आता हो कि कल से सुबह जल्दी उठना है, बेलेन्स्ड डाइट लेनी है समय पर सोना है, वगैराह-वगैराह। लेकिन ऐसा नहीं होता, आखिर ऐसा क्या है जो खुद की जीवनशैली पर हम हिटलरगिरी नहीं चला पा रहे। वजह साफ है हमने अपने चयापचय (metabolism) और मस्तिष्क तंत्र (brain mechanism ) को व्यवस्थाओं के मुताबिक ढलने की आदत डाल दी है।

लेकिन अब इस व्यवस्था के दायरे को तोड़ना बहुत जरूरी हो गया है तो आखिर में खुद को अनुशासन में कैसे ढालें? है एक माध्यम और वो है योग (yoga)। जी हां योग से यह संभव है क्योंकि सदियों से योग ने असंभव को भी संभव करके दिखाया है।

हम पाश्चात्य शैली के चलते योग से जितने दूर हुए हैं उतने ही अंग्रेजी दवाओं के ज्यादा करीब आएं हैं। हांलाकि यह बात अलग है कि हम अपनी जड़ों को भूल गए और उन जड़ों में छुपे खज़ाने को दुनियां ने खंगाल लिया है।

भारत की संस्कृति में सदियों से रची बसी योग विधाओं की गहनता को आज पूरा विश्व मान चुका है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूएन में विश्व योग दिवस को मान्यता दिलाकर यह साबित भी कर दिया कि विश्वगुरू कहे जाने वाले भारत में योग का भी बड़ा योगदान है।

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भगवान श्री कृष्ण ने भी कहा है, योगेश च कर्मसु कौशलम् यानी कर्म को कुशलता से करना ही योग है। इसी तरह योग के रचयिता ऋषि पंतजली ने कहा है योगेश चित्त वृत्ति चित्त-वृत्ति निरोध:, यानी अपने चित्त में आई वृतियों को बाहर निकालना।

योगगुरू बाबा रामदेव ने नकारात्मक माहौल में योग को पूरी दुनियां में फैलाया है। वहीं बाबा रामदेव ने देश को कई योगगुरू भी दिए हैं। इन्हीं योगगुरूओं में से एक हैं आरपी सिंह। आरपी सिंह ने योग को साधना के साथ ही मौजूदा जीवनशैली और जीवनशैली की जरूरतों से जोडकर डिजायन किया है। आरपी सिंह का दावा है कि योग अंतर्मन की शक्ति ही नहीं है बल्कि योग बाहरी ऊर्जा को संकलित करने का भी माध्यम है।

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आरपी सिंह का कहना है कि योग बहुत ही अद्भुत है जिससे हम अपना शारीरिक विकास ही नहीं बल्कि अपना मानसिक विकास भी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि योग के प्राकृतिक नियमों को जानकर हम जीवन के सभी मुकाम हासिल कर सकते हैं, “करो योग रहो निरोग” ।

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आरपी सिंह बताते हैं कि खाने से ज्यादा घर में दवाइयों का खर्चा होता चला जा रहा है। वे कहते हैं कि अगर जीवनशैली में हम जैसे खाने को शेड्यूल करते हैं वैसे ही योग को भी शैड्यूल करेंगे तो जीवन आसान हो जाएगा।

योग गुरु आरपी सिंह ने बताया कि विश्व योग दिवस के अवसर पर वे जागृत योग शिविर का आयोजन करने जा रहे हैं। यह योग शिविर 21 जून 2017 से 25 जून 2017 तक जागृत योग संस्था, महाराणा प्रताप नगर, हनुमान नगर एक्सटेंशन के पास, सिरसी रोड जयपुर में आयोजित होगा। योग शिविर का समय सुबह 6:00 बजे से 7:30 तक और 7:30 से 9:00 बजे तक दो चरणों में होगा। फ्री रजिस्ट्रेशन के लिए 7014398097 नंबर पर सपंर्क किया जा सकता है।

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आरपी सिंह ने बताया कि 5 दिवसीय इस योग शिविर में योग और उनकी प्राकृतिक नियमों से रुबरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीवन के लक्ष्यों, सफलताओं और भौतिक सुखों की कामना तक पहुंचने के लिए भी योग अजेय माध्यम बन सकता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस निःशुल्क योग शिविर में आकर उस रहस्य को जानें जिसके जरिए सफलता बहुत आसान बन जाएगी।

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