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स्किल इंडिया के अंतर्गत जयपुर के 20 हजार ज्वैलरी कारीगर होंगे अब ट्रैन्ड, हुआ MOU

जनमंथन, जयपुर। देशभर के जैम और ज्वैलरी से जुड़े कारीगरों को स्किल इंडिया के अंतर्गत अब ट्रेनिंग दी जाएगी। जैम एण्ड ज्वैलरी स्किल काउन्सिल ऑफ इंडिया इन ट्रैन्ड कारीगरों का पंजीयन करेगी। इसी को लेकर गुरुवार को जैम ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) और सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के बीच एक खास एमओयू हुआ। राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स भवन में स्थित जीजेईपीसी के सभागार में यह एमओयू सेरेमनी हुई। एमओयू पर जैम एण्ड ज्वैलरी स्किल काउन्सिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रेम कोठारी और सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर जीजेईपीसी, राजस्थान के अध्यक्ष प्रमोद डेरेवाला भी मौजूद रहे।

जैम एण्ड ज्वैलरी स्किल काउन्सिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रेम कोठारी ने बताया कि यह शुरूआत भविष्य में कारीगरों के लिए फायदे का सौदा साबित होगी। उन्होंने बताया कि स्किल इंडिया के इस सर्टिफाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए हस्तकला से जुड़ा कोई भी कारीगर देश में कहीं भी अपने लिए अवसर पैदा कर पाएगा। जीजेईपीसी, राजस्थान के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल (डेरेवाला) के मुताबिक देशभर के हस्तकला कारीगरों को कौशल और विकास के जरिए एक मंच पर लाना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए कारीगरों की संख्या और स्थिति की भी जानकारी सरकार को होगी।

MOU

इस मौके पर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने बताया कि इस ट्रेनिंग के जरिए कारीगरों को सुरक्षा मापदंडों की जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के अभाव में अलग-अलग ट्रेड से जुड़े कारीगर प्रदेश में कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मित्तल ने कहा कि यह ट्रेनिंग जानलेवा बीमारियों से कारीगरों को सुरक्षित रहने में मदद करेगी।

कैलाश मित्तल ने बताया कि स्किल इंडिया के अंतर्गत अलग-अलग ट्रेड के हस्तकला कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जाना है। उन्होंने बताया कि जीजेईपीसी की ओर से यह ट्रेनिंग पहले चरण में जैम और ज्वैलरी से जुड़े 20 हजार कारीगरों को दी जाएगी जो 6 माह में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी ट्रेनिंग इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जैम एंड ज्वैलरी, जयपुर की फैकल्टी और ट्रैनर्स द्वारा दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद हर कारीगर को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इसके अलावा कारीगर के बैंक खाते में 500 रुपये भी जमा कराए जाएंगे। मित्तल ने बताया कि इसके लिए कारीगर का बैंक खाता और आधार कार्ड जरूरी होगा।

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