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शराबबंदी को लेकर पूनम के मजबूत इरादे, कहा- अंतिम सांस तक लड़ूंगी

जनमंथन, जयपुर। राजस्थान में शराबबंदी एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है। शराबबंदी आंदोलन के प्रणेता गुरुशरण छाबड़ा की जयंती पर शुक्रवार को एक बार फिर उनके इस आंदोलन की उत्तराधिकारी पूनम अंकुर छाबड़ा ने हूंकार भरी। गुरुशरण छाबड़ा की पुत्रवधू पूनम अंकुर छाबड़ा अनशन पर बैठने जा रही थी। राजधानी के बीचों-बीच मौजूद पांच बत्ती सर्किल से शहीद स्मारक तक रैली निकालने और फिर अनशन पर बैठने का कार्यक्रम तय था।

उनके नेतृत्व में प्रदेशभर से सैंकडो लोग भी पहुंचे। लेकिन सरकार ने फिर से इस आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। इस दौरान सरकार के इशारे पर पुलिस ने आठ माह की गर्भवती पूनम अंकुर छाबड़ा को गिरफ्तार भी कर लिया। इस मौके पर शराबबंदी के समर्थन में सैंकडो समर्थकों ने भी गिरफ्तारियां दी।

अपने दिवंगत श्वसुर गुरुशरण छाबड़ा के सपनों को अंजाम तक पहुंचाने में जुटी पूनम अंकुर छाबड़ा गिरफ्तार होने के बावजूद भी नहीं टूटी। 8 माह की गर्भवती पूनम अंकुर छाबडा थाने में ही अनशन पर बैठ गई। आखिरकार पूनम अंकुर छाबड़ा के सामने सरकार को झुकना पड़ा और जल्द ही शराबबंदी को लेकर निर्णय लेने का आश्वासन देकर अनशन तुड़वाया गया।

इससे पहले पूनम अंकुर छाबड़ा से प्रदेश के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने वार्ता कर आंदोलन को रोकने को कहा, लेकिन पूनम अंकुर छाबड़ा ने चतुर्वेदी के आग्रह को ठुकरा दिया। अनशन पर बैठने के लिए उन्हें प्रशासन से भी अनुमति नहीं मिलीं बावजूद वे तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 9 बजे सैंकड़ों समर्थकों के साथ पांच बत्ती सर्किल पहुंची।

गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का आह्वान करते हुए पूनम अंकुर छाबड़ा
गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का आह्वान करते हुए पूनम अंकुर छाबड़ा

गौरतलब है कि शराबबंदी आंदोलन के दौरान जान गंवा चुके गुरुशरण छाबड़ा की मजबूत इरादों वाली पुत्रवधू पूनम अंकुर छाबड़ा ने राजस्थान को शराब मुक्त कराने का बीड़ा उठाया है। पूनम ने कई बार आंदोलन की राह पकड़ी है तो कई बार अनशन पर बैठी हैं। हांलाकि सरकार ने कई बार जल्द फैसले का आश्वासन देकर उनका अनशन तुड़वाया है। विधानसभा में भी शराबबंदी का मुद्दा कई बार गूंजा है। पूनम का कहना है कि सरकार की वादाखिलाफी अब सही नहीं जाएगी।

पूनम ने कहा है कि शराब ने देश और प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। उन्होंने कहा प्रदेश में अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है, महिलाएं घर और बाहर हर जगह असुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि जिस शराब ने कई परिवारों को उजाड़ दिया उस शराब को लेकर सरकार का रवैया शर्मसार करने वाला है। पूनम अंकुर छाबड़ा ने सरकार को चुनौती दी है कि वे अंतिम सांस तक राजस्थान में शराबबंदी के लिए लड़ेंगी।

बता दें कि गुरुशरण छाबड़ा के शराबबंदी आंदोलन को आगे ले जा रही पूनम अंकुर छाबड़ा ने राजस्थान में इसे जन-आंदोलन बना दिया है। राजस्थान के कई गांव, ढाणी, बस्तियां और पंचायत इससे प्रेरित होकर शराबमुक्त हो चुके हैं। शुक्रवार को भी राजस्थान के ज्यादातर जिलों से लोग आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। कई सामाजिक संगठन भी इस आंदोलन को अपना भरपूर समर्थन दे रहे हैं।

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