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राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर 2000 करोड़ रुपये के सरकारी बंगले को हड़पने का आरोप

जनमंथन, जयपुर। “राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर 2000 करोड़ रुपये के सरकारी बंगले पर आजीवन कब्जा करना चाहती हैं”। बार – बार यह कहकर भाजपा के ही विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थान में सियासी पारे को बढा दिया है। दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर तिवाड़ी ने युवाओं का आह्वान किया कि वसुंधरा सरकार के भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए तैयार रहें।

उधर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने तिवाड़ी के आरोपों के खिलाफ बयान जारी किया है लेकिन तिवाड़ी ने लेटरहैड की जगह सादा कागज पर लिखे मंत्रियों के बयानों को निराधार बताया है, तो मंत्रियों को बेचारा।

गौरतलब है कि घनश्याम तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री पर 2000 करोड़ रुपये के सरकारी बंगले को हड़पने का आरोप लगाया है। दीनदयाल वाहिनी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ 25 मई को लोकायुक्त को आरोप पत्र (ज्ञापन) भी दिया है।

वसुंधरा के खिलाफ आरोप पत्र दिए जाने के बाद सीएम के करीबी माने जाने वाले पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान और कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने भी एक सादे कागज पर लिखित बयान जारी किया है। मंत्रियों के बयान का जवाब फिर तिवाड़ी ने एक नया बयान जारी कर दे दिया है। इस बयान में विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने फिर से प्रदेश सरकार के मंत्रियों को लाचार और कमजोर कह दिया है।

तिवाड़ी ने कहा है कि लोकायुक्त को शिकायत पत्र दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री बौखला गई हैं और अपने मंत्रियों से बयान जारी करवा रही हैं। उन्होने कहा कि बयान देने वाले मंत्री मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कमाऊ पूत हैं। उन्होंने कहा है कि राजस्थान के जंगल, जमीन और महलों को कौन लूटना चाहता है। तिवाड़ी ने कहा है कि राजस्थान की जन – सम्पदा की रक्षा का उन्होंने प्रण लिया है जिसे वे किसी क़ीमत पर लुटने नहीं देंगे।

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भाजपा विधायक तिवाड़ी ने मंत्रियों के व्यक्तव्य को भी निराधार और बकवास कहा है। घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि मंत्रियों का कथित व्यक्तव्य न तो भाजपा के लेटरहैड पर है और ना ही मंत्रियों के खुद के सरकारी लेटरहैड पर। उन्होंने चुनौति देने के अंदाज़ में कहा है कि हिम्मत है तो अपने लेटरहैड पर मंत्री बनाया जारी करें।

गौरतलब है कि राजस्थान में वसुंधरा सरकार की नीतियों और कामकाज पर भाजपा के सांगानेर से विधायक घनश्याम तिवाड़ी लगातार सवाल उठा रहे हैं। तिवाड़ी ने वसुंधरा सरकार के खिलाफ दीनदयाल वाहिनी का भी गठन किया है। दबे मुंह अकसर सूबे की मुखिया की खिलाफत करने वाले वरिष्ठ विधायक तिवाड़ी खुलकर सामने आ चुके हैं।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगने और केन्द्र की अनुशासन समिति से जवाब मांगने पर अब वे और भी ज्यादा नाराज़ हैं। इस नाराजगी का समिति को उनके द्वारा भेजे गए जवाब में भी उन्होंने जिक्र किया था। इस जवाब में उन पर हुए हमले, राजनैतिक दुर्भावना, अपमान और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए थे।

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