November 17, 2018
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आज से कोटा में लगेगा कृषि महाकुंभ, ‘ग्राम’ में 1000 करोड़ की परियोजनाओं के लिए होंगे 20 एमओयू

जनमंथन, कोटा। प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए नवाचारों और आधुनिक तकनीक का मंच आज फिर से सजने वाला है। ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (ग्राम) के दूसरे संस्करण का आगाज आज कोटा में होगा। 24 से 25 मई तक चलने वाले इस कृषि महाकुंभ का उद्घाटन सुबह 10 बजे कोटा के आरएसी ग्राउंड में केन्द्रीय शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री एम. वेंकैया नायडू करेंगे। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेंगी। तीन दिन के इस आयोजन में करीब 30,000 किसानों के भाग लेने की संभावना है। इसमें सेमीनार, कॉन्फ्रेन्स, जाजम बैठकें, एग्जीबिशन और स्मार्ट फॉर्म का विशेष आकर्षण रहेगा। राजस्थान सरकार और फिक्की की ओर से यह आयोजन संयुक्त रूप से किया जा रहा है।

आयोजन से पहले राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने मंगलवार को कोटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स का भी आयोजन किया। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौसम की अनियमितताओं और सूखे के हालातों से निपटने के लिए किसानों को अपनी फसलों में विविधता लानी होगी, कृषि मंत्री ने कहा कि यह जितना आजीविका के लिए जरूरी है उतना ही किसानों की समृद्धि के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कृषि और कृषि संबद्ध क्षेत्र के आधुनिक नवाचारों और उन्नत तकनीकों के जरिए यह किया जा सकता है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में इनोवेटिव एवं आधुनिक तकनीकें अपनाकर ऐसा किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) किसानों को कृषि क्षेत्र की नई तकनीकों के बारे में जानकारी लेने और प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग और वैक्सिंग के जरिए फसलों के वैल्यू एडिशन के बारे में जानने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। जाजम बैठकों में किसानों को उनके सवालों के स्पष्ट जवाब दिए जाएंगे। कॉन्फ्रेन्स, एग्जिबिशन्स और सेमीनारों के जरिए किसान कृषि के नवाचारों के रुझान और तकनीकों को करीब से जान सकेंगे।

कृषि मंत्री ने बताया कि यह विशाल आयोजन कृषि क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का मंच भी बनेगा। उन्होंने बताया कि कोटा सम्भाग में कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ के दौरान 25 मई को हाड़ौती क्षेत्र की कई परियोजनाओं से जुडे 1000 करोड़ रुपए के 20 एमओयू भी साइन किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में से 9 परियोजनाएं प्रोसेसिंग, 6 परियोजनाएं मंडियों, 4 कोल्ड स्टोरेज और एक परियोजना वेयरहाउस के लिए होगी। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि ‘ग्राम 2016‘ के दौरान हस्ताक्षर किये गये 38 एमओयू में से 25 परियोजनाएं क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं।

इससे पहले प्रमुख शासन सचिव, कृषि, नीलकमल दरबारी ने कहा कि जयपुर में ‘ग्राम 2016‘ की सफलता के बाद राज्य सरकार ने कोटा में इस विशाल आयोजन को करने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि इस संभाग के कोटा, झालावाड़, बारां और बूंदी जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने, कृषि प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने की विशाल क्षमता और किसानों की आय को दोगुना करने की प्रबल संभावनाएं हैं। प्रमुख शासन सचिव बताया कि मीट के दौरान ‘स्मार्ट फार्म‘ में आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी, कृषि पद्धतियों और पौधारोपण का लाईव प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनी में ‘कस्टम हायरिंग सेंटर‘ भी होगा, जहां किसान आधुनिक कृषि मशीनरी किराए पर ले जा सकेंगे।

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