November 17, 2018
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वसुंधरा सरकार के केबिनेट मंत्रियों ने घनश्याम तिवाड़ी को कहा कलियुगी कालीदास

जनमंथन, जयपुर। राजस्थान की मौजूदा वसुंधरा सरकार में पूरी सरकार और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भ्रष्टाचार और जनता से वादाखिलाफी के मामले में कटघरे में खडे करते आ रहे सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी पर अब सत्तापक्ष की ओर से भी जवाबी हमला होने लगा है। यह हमला हुआ है चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी की ओर से, साथ ही सांसद निहालचंद भी इस लड़ाई में कूद पड़े हैं। संयुक्त रुप से एक पत्र जारी कर तीनों केबिनेट मंत्रियों और सांसद निहालचंद मेघवाल ने कहा है कि विधायक घनश्याम तिवाड़ी उसी डाल पर ही आरी चला रहे हैं जिस पर उन्होंने उम्र गुजार दी। उन्होंने यह भी कहा है कि तिवाड़ी के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। यह पत्र प्रदेश भाजपा की ओर से मीडिया को सार्वजनिक किया गया है।

कालीचरण सराफ का आरोप तिवाड़ी ने भैरोसिंह शेखावत के खिलाफ भी रचा था षड़यंत्र
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि तिवाड़ी की यह फितरत बन गई है। सराफ ने तिवाड़ी पर भैरोसिंह शेखावत के खिलाफ षड़यंत्र के भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन भैरोसिंह शेखावत ने तिवाड़ी को राजनीति का ककहरा सिखाया, तिवाड़ी ने उनको भी आंख दिखा दी थी। सराफ ने आगे कहा कि 1998 के विधानसभा चुनावों में चौमूं प्रत्याशी के तौर पर रिकॉर्ड मतों से हारने वाले तिवाड़ी को 2003 के चुनाव में वसुंधरा राजे ने ही सांगानेर जैसी सुरक्षित सीट से टिकट दिया और जिताकर मंत्री बनाया। कालीचरण सराफ ने कहा कि इस बार उन्हें मंत्री नहीं बनाया तो वही वसुंधरा राजे खराब लगने लगी है।

राजेन्द्र राठौड़ ने तिवाड़ी को बताया कलियुगी कालीदास
संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि तिवाड़ी मुगालते में हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद को पार्टी से बड़ा समझने लगे हैं। राठौड ने हाल ही में केन्द्रीय नेतृत्व के नोटिस के जवाब में तिवाड़ी ने जो जहर उगला है वह पार्टी का कोई भी जिम्मेदार कार्यकर्ता नहीं कर सकता है। राठौड़ ने यह भी कहा कि जिस मंत्रिमंडल को तिवाड़ी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का चापलूस बता रहे हैं कभी वे भी इसी मंत्रिमंडल के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री नहीं बनाए जाने की हताशा में वे संगठन विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं। राठौड ने यह भी कहा कि घनश्याम तिवाड़ी मूर्खों के स्वर्ग में रहना चाहते हैं तो भले ही रहें उनकी मर्जी। राठौड़ ने तिवाडी को कलियुगी कालीदास बताया है जो जिस डाल पर बैठा है उसे ही काट रहा है लेकिन उनको ज्ञान देने वाला कोई नहीं है।

अरुण चतुर्वेदी ने कहा दीनदयाल वाहिनी के नाम पर तिवाड़ी चला रहे पार्टी विरोधी गतिविधियां
सराफ और राठौड़ के साथ ही सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने भी तिवाड़ी को अहंकारी बताया है। चतुर्वेदी ने कहा कि यह अहंकार की पराकाष्ठा जो तिवाडी व्यक्तिवाद में आकंठ डूबे हैं। उन्होंने कहा कि तिवाड़ी को संगठन और विचारधारा की अहमियत मालूम नहीं है। चतुर्वेदी ने कहा है कि तिवाड़ी दीनदयाल वाहिनी के नाम पर पार्टी गतिविधियों कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि तिवाड़ी ने नोटिस का जवाब देते हुए कहा है कि वे ऐसा जवाब देंगे कि जवाब मांगने वाले भूल जाएंगे कि किससे जवाब मांगा है। अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि यह तो सीधे केन्द्रीय नेतृत्व को चुनौती है।

सांसद निहालचंद मेघवाल
सांसद निहालचंद मेघवाल

सांसद निहालचंद मेघवाल ने कहा – मेरे कंधे पर बंदूक ना रखें तिवाड़ी
तीन केबिनेट मंत्रियों के साथ ही सांसद निहालचंद मेघवाल ने भी तिवाड़ी को कहा है कि वे उनके कंधे पर बंदूक ना रखें क्योंकि उनके मुख्यमंत्री से अच्छे संबंध हैं। मेघवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हमेशा उनका साथ दिया है। उन्होंने तिवाड़ी को कुंठित मानसिकता का व्यक्ति बताया है।

गौरतलब है कि विधानसभा सदन और सदन के बाहर पार्टी विरोधी गतिविधियों के मामले में आरोपी घनश्याम तिवाड़ी पिछले दिनों भाजपा की केन्द्रीय अनुशासन समिति के एक नोटिस से परेशान है। समिति के अध्यक्ष गणेशीलाल ने यह नोटिस भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी की तिवाड़ी के खिलाफ शिकायत पर दिया था। इस नोटिस से तिलमिलाए तिवाड़ी ने नोटिस का जवाब बड़े काव्यात्मक मगर आक्रोशित अंदाज में दे डाला।

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अपने चर्चित अंदाज में तिवाड़ी ने वसुंधरा राजे और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले और अत्याचारों का जवाब में जिक्र किया। नोटिस के जवाब में तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था कि मौजूदा वसुंधरा सरकार ना तो भाजपा की विचारधारा पर काम कर रही है और ना ही सरकार का मंत्रिमण्डल। उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर अहंकार के मद में चूर रहने और स्वार्थवश विधानसभा में मनमाने ढंग से विधेयक पारित कराने के भी आरोप लगाए। उन्होंने जवाब में सीधे तौर पर संकेत दिए कि वे अनीति के विरुद्ध खामोश नहीं बैठने वाले हैं।

तिवाड़ी ने नोटिस के बड़े गहरे और लंबे दो जवाब केन्द्रीय नेतृत्व को भिजवाए हैं। इधर इन जवाबों को सार्वजनिक करने से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य बडे नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते शनिवार को भाजपा ने तीनों केबिनेट मंत्रियों और सांसद निहालचंद मेघवाल का संयुक्त जवाबी हमला मीड़िया में सार्वजनिक किया है।

घनश्याम तिवाड़ी ने कहा- मुख्यमंत्री के दबाव में मेरे ख़िलाफ़ बयान देने से इनका मंत्री पद बचता है तो मुझे प्रसन्नता है
मंत्रियों के इस जवाबी हमले पर तिवाड़ी का कहना है कि मुख्यमंत्री के दबाव में मेरे खिलाफ बयान देने से अगर मंत्रियों का मंत्री पद बचता है तो उन्हें प्रसन्नता है। उन्होंने कहा कि “ये लोग बेचारे लाचार हैं। इन्हें अपना मंत्री पद बचा कर रखना है। मेरी इन लोगों के प्रति सहानुभूति है। दिल्ली से मुख्यमंत्री द्वारा फ़ोन पर बार-बार दबाव डलवा कर इनसे यह बयान दिलवाया गया है। मेरे कारण यदि इनका मंत्रीपद बचता है तो मुझे तो प्रसन्नता ही है।”

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