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अम्बेडकर पर की गई टिप्पणी से बढ़ सकती हैं विधायक विजय बंसल की मुश्किलें, विधानसभा उपाध्यक्ष ने दिए जांच कर कार्रवाई के आदेश

जनमंथन, जयपुर। विधायक विजय बंसल की बाबासाहेब अंबेडकर को लेकर की गई टिप्पणी पर विधानसभा में इतना हंगामा बढ़ गया कि आसन पर बैठे उपाध्यक्ष को संसदीय कार्य मंत्री को टिप्पणी का पता करके जरूरी कार्रवाई करने की व्यवस्था देनी पड़ी। इस मामले में हंगामा बढ़ने पर 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी, लेकिन जब कार्यवाही फिर शुरू हुई तो कांग्रेस विधायक दल के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा इस बात पर अड़ गए कि संसदीय कार्य मंत्री नहीं खुद विधायक विजय बंसल सदन में माफी मांगें।

विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण में सोमवार को अलग-अलग विश्वविद्यालयों के संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक गोविन्दसिंह डोटासरा ने जब इस बारे में मुद्दा उठाया तो बाबासाहेब के मुद्दे पर सत्तापक्ष के विधायक भी बंटे नजर आए और खुद उपाध्यक्ष ने टिप्पणी की भर्त्सना की और संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने माफी मांगी।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान करने को लेकर की गई भाजपा विधायक विजय बंसल की ओर से की गई टिप्पणी से सोमवार को राजस्थान विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बाबासाहेब अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय बंद हुआ और भाजपा के ही विधायक विजय बंसल पार्टी की सोच को बताती है।

इस पर हुए हंगामे के बीच खुद भाजपा विधायकों की बाबासाहेब और बंसल के दिए बयान पर अलग-अलग सोच सामने आ गई। हंगामे के दौरान बंसल ने कहा कि उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि बाबासाहेब का संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं, बल्कि यह कहा कि बाबासाहेब संविधान निर्मात्री समिति के सदस्य थे, लेकिन उन्होंने अकेले ने संविधान निर्माण नहीं किया। बस इस बात ने हंगामे की जड़ पकड़ ली।

हंगामा इतना बढ गया कि भाजपा की ही विधायक चंद्रकांता ने उठकर कहा कि वे इस टिप्पणी का कतई समर्थन नहीं करतीं और इस पर अलग से बहस करा लीजिए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उस समय आसन पर विराजमान ज्ञानचंद पारख ने इससे जुड़ी टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने की व्यवस्था दी, लेकिन इस पर भी वाद- विवाद औऱ हंगामा जारी रहा। साथ ही कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे औऱ धरने पर बैठ गए।

उधर विधायक विजय बंसल अपनी बात पर कायम रहे। उन्होने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने देश का संविधान नहीं लिखा। बंसल की हठधर्मिता से सदन में मौजूद सुंदर सिंह काका ने बाहें चढ़ा लीं औऱ मामला और उग्र हो गया। लेकिन बंसल ने यह तक कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता और सदन से चले गए। विधायक जब आपस में इस मुद्दे पर उलझने लगे और तकरार बढ़ने लगी तो आसन पर उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह ने आकर व्यवस्था संभाली।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने क्षमायाचना की औऱ कहा कि बाबासाहेब का हम सभी सम्मान करते हैं। इसके बाद भी जब हंगामा जारी रहा तब उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट तक स्थगित कर दी। कार्यवाही स्थगित होने के बाद जब फिर कार्यवाही शुरू हुई तो डोटासरा इस बात पर अड़ गए कि बंसल सदन से माफी मांगे। इस पर उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र ने कहा कि जो कुछ महात्मा गांधी और अंबेडकर को लेकर टिप्पणी हुई है उसकी आसन भर्त्सना करता है। साथ ही उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री को निर्देशित किया कि यदि बाबासाहेब के खिलाफ कोई टिप्पणी हुई है तो दिखवाकर जरूरी कार्रवाई करें।

उधर संशोधन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि बाबासाहेब के सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस ने ही उनका अपमान किया था। उन्होंने कांग्रेस पर जाति समाज के नाम पर राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबासाहेब विश्व में सबसे बुद्धिमान व्यक्ति थे। गुंजल ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू भी इस बात को जानते थे और इसीलिए अनगिनत डिग्रीधारी बाबा साहेब को उन्होंने कमेटी का सदस्य बनाया।

गुंजल ने यह भी बताया कि दोनों गांधी और नेहरू ने चर्चा की थी कि विश्व के इस बुद्धिमान व्यक्ति को खोना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ही थे जिन्होंने धारा 370 का विऱोध किया था और कांग्रेस ने कभी गांधी और कभी बाबासाहेब के नाम पर राजनीति की है जबकि भैरोंसिंह शेखावत ने अंत्योदय योजना लागू करके उन्हें सम्मान दिया है। गुंजल ने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तो महज एक नारे ‘सबका साथ, सबका विकास ‘ से ही बाबा साहेब को सबसे बडा सम्मान दिया और उनकी विचारधारा से पार्टी को जोडा।

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