November 17, 2018
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अजमेर दरगाह दीवान ने की गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग, गौमांस नहीं खाने की घोषणा की

अजमेर। अजमेर दरगाह के दीवान ने गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग उठाई है। दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान का कहना है कि गौ हत्या के चलते दो समुदायों के बीच नफरत पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि देश में शांति बनाए रखने के लिए सरकार को गौ-हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज से आह्वान किया है कि वे गौ हत्या पर प्रतिबंध में सहयोग करें और गौ-मांस नहीं खाएं।

अजमेर दरगाह में चल रहे 805 वें उर्स के दौरान सैयद जैनुल ने गौहत्या को लेकर यह मांग उठाई है। उनका कहना है कि भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति का इससे आघात लग रहा है दो समुदायों में भाईचारे की जगह वैर पनप रहा है। इसके अलावा जैनुल ने सरकार से भी गौ हत्या और उसके मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है। यहां तक उन्होंने ये भी कह दिया कि किसी भी तरह के जानवर को नहीं काटा जाना चाहिए।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठाई मांग
यही नहीं सैयद जैनुल ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी सार्वजनिक रुप से उठा दी है। सैयद जैनुल ने कहा कि गाय न केवल एक जानवर है बल्कि हिंदू भाईयों की आस्था का प्रतीक भी है। जैनुल ने कहा कि हमें गौवंश को बचाना चाहिए सासाथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। यही नहीं सैयद जैनुल ने कहा कि-जिन प्रदेशों में कानूनी तौर पर गौ- हत्या की जाती है वह बिल्कुल गलत है। उन्होंने इस दौरान गौहत्या पर गुजरा सरकार के आजीवन कारावास के फैसले की भी सराहना की।

अजमेर दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने की गौ-मांस त्यागने की घोषणा

इस दौरान दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने जीवन भर गौ-मांस नहीं खाने का बडा ऐलान भी कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रुप से कहा कि मै और मेरा परिवार गौ-मांस कभी नहीं खाएगा। अजमेर शरीफ दीवान सैयद जैनुल आबेदीन के एक साथ किए गए इतने बडे ऐलानों से पूरे देश का मुस्लिम समुदाय सकते हैं।

तीन तलाक को बताया इस्लाम के खिलाफ
देश की न्यायपालिका और व्यवास्थापिका दोनों के लिए चुनौती बन चुके तीन तलाक मामले में भी अब तक का सबसे बडा बयान अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन का आया है। जैनुल ने तीन तलाक को इस्लाम धर्म के खिलाफ बताकर सनसनी फैला दी है। उनका कहना हैकि इस्लाम में महिलाओं का सम्मान होता है, ऐसे में शरियत का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के नाम पर महिलाओं का उत्पीडन किया जा रहा है।

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