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उप नेता प्रतिपक्ष ने लगाई राजस्थान सरकार पर आरोपों की झड़ी, सरकार को बताया ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’

जयपुर। उपनेता प्रतिपक्ष रमेश मीणा ने राजस्थान सरकार की तुलना ‘ईस्ट इंडिया’ कंपनी से की है। गुरुवार को बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार आम जनता की संपत्ति को बेचने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि चाहे थर्मल पॉवर इकाइयां हों या फिर खासा कोठी सरकार सभी को बेचने जा रही है। मीणा ने कहा कि कई साल पहले भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी आई थी जिसने भी निजीकऱण और भारतीय संपत्ति को बेचने का काम किया था। रमेश मीणा ने कहा कि राजस्थान सरकार भी ईस्ट इंडिया कंपनी की भूमिका निभाते हुए पूरे प्रदेश को बेचने की तैयारी में है।

सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
रमेश मीणा ने इस दौरान सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। मीणा ने कहा कि सरकार ने बिजली खरीद में जमकर भ्रष्टाचार किया है। मीणा ने कहा कि गरीब किसानों की जमीनों का औने-पौने दामों में अधिगृहण कर सरकार ने पहले पॉवर प्लान्ट लगाए और अब उन्हें निजी हाथों में दिया जा रहा है, जबकि आपूर्ति के लिए बाहर से महंगी बिजली खरीदी जा रही है।

राजस्थान की जनता से वादाखिलाफी के लगाए आरोप

इसी के साथ रमेश मीणा ने सरकार पर प्रदेश की भोलीभाली जनता से वादाखिलाफी करने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुराज संकल्प के नाम पर प्रदेश की जनता को ठगा है। मीणा ने कहा कि सुराज संकल्प में 10 हजार गांव-ढाणियों को बिजली देने का वादा, 3 हजार गांव-ढाणियों में शुद्ध पेयजल, दो नए शहरों का निर्माण जैसी घोषणाओं में से एक भी पूरी नहीं हुई।

युवाओं को दिया सरकार ने सबसे बड़ा धोखा
मीणा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को मौजूदा सरकार ने सबसे बडा धोखा दिया है। रमेश मीणा ने कहा कि सरकार ने
सार्वजनिक उपक्रमों में 15 लाख रोजगार का देने का वादा किया था जिसे सरकार आज खुद असंभव बता चुकी है। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेन्ट हब बनाने की घोषणा पर आज तक कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए नई योजना की शुरूआत, 5 साल में 13 लाख युवाओं में कौशल विकास प्रशिक्षण, स्कूलों का ऑनलाइन सुपरविजन, शूटिंग रेन्ज, 18 गोल्फ कोर्स, रोबोटिंक्स लैब और स्पोर्ट्स स्टेडियमों के सारे वादे आज सरकार के तीन साल के कार्यकाल के बाद भी अधूरे हैं। उन्होंने सत्तापक्ष से सदन में पूछा कि आखिर क्या हुआ गुड गवर्नेन्स का और क्या हुआ किसानों के लिए नई कृषि नीति का ।

कन्सल्टेन्सी एजेन्सियों पर भी उठाए सवाल
मीणा ने कहा कि प्रदेश में कन्सल्टेन्सी एजेन्सियों का इन दिनों बोलबाला है। उन्होंने कहा कि कन्सल्टेन्सी के नाम पर करोड़ों रुपये उठाए जा रहे हैं। उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह रोग सभी विभागों में फैल चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कन्सल्टेन्सी के नाम पर ऐसे लोग रखे गए हैं, जो 65 से ज्यादा उम्र के हैं और 70 हजार तक का मोटा वेतन ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये ही लोग विभागों को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। उन्होंने इस दौरान सीएसआर का पैसा जल स्वावलंबन अभियान में लगाने पर भी सवाल खडे किए।

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